उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) एवं होम स्टे नीति 2025 लागू कर दी गई है। इस योजना से स्थानीय लोगों को अतिरिक्त कमाई और रोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आवासीय भवनों में भी होटल जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
नीति के तहत भवन स्वामी अपने आवासीय परिसर के अधिकतम दो तिहाई हिस्से (1 से 6 कमरे, अधिकतम 12 शैया) किराये पर दे सकेंगे। इसके लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण की अवधि तीन वर्ष रहेगी और समय पूरा होने से तीन माह पहले नवीनीकरण कराना होगा।
वित्तीय प्रोत्साहन और सुरक्षा मानक
नई इकाइयों को सरकार की ओर से वित्तीय प्रोत्साहन और अनुदान भी मिलेगा। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए न्यूनतम तीन सीसीटीवी कैमरे (90 दिन की रिकॉर्डिंग क्षमता) और फायर सेफ्टी उपकरण लगाना अनिवार्य होगा। आगंतुकों की जानकारी स्थायी रजिस्टर में दर्ज करनी होगी।
ग्रामीण क्षेत्र में भी सुविधा
यह नीति ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू होगी। ‘रूरल होम स्टे’ योजना के तहत देशी-विदेशी पर्यटकों को ग्राम्य जीवन, भोजन और स्थानीय संस्कृति का अनुभव कराया जाएगा। इसके लिए खानागार, शौचालय, पानी, ऊर्जा आपूर्ति और फर्नीचर जैसी सुविधाएं जरूरी होंगी।
पंजीकरण शुल्क
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होम स्टे/बी एंड बी (शहरी क्षेत्र): सिल्वर 2000 और गोल्ड 3000 रुपये
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रूरल होम स्टे: सिल्वर 500 और गोल्ड 750 रुपये
ये हैं नियम
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भवन स्वामी को परिवार सहित उसी परिसर में रहना होगा।
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एक परिसर में केवल एक पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी होगा।
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पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज और पुलिस/स्थानीय निकाय की एनओसी ऑनलाइन पोर्टल से देना होगा।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह और पर्यटन उप निदेशक रविंद्र कुमार ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य आवास विकल्प बढ़ाना, सेवा मानकों में सुधार करना और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है।