बरेली जनपद के मीरगंज इलाके में एक रहस्यमयी घटना सामने आयी है। आंवला तहसील क्षेत्र के गांव गुलड़िया निवासी रिटायर फौजी प्रेमपाल सिंह मीरगंज
इलाके के गांव खुर्द में जन्म दिन पार्टी में शामिल होने रविवार को गये थे। वहां दावत खाने के बाद वह अपने गांव लौट रहे थे।
सोमवार सुबह गांव गोरा लोकनाथपुर के समीप रामगंगा नदी पुल की कटी एप्रोच रोड के गड्ढा किनारे बाइक, मोबाइल और चप्पलें पड़ी मिलीं। यह देख मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी। बरामद मोबाइल पर आयी कॉल से पहचान होने होने के बाद फौजी के परिजनों को सूचित कर दिया गया।
हैरत की बात यह है कि बाइक,मोबाइल और चप्पलें तो मिलीं, परंतु रिटायर फौजी प्रेमपाल सिंह का कहीं पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं वह रामगंगा नदी की खार में गिरकर डूब गये होंगे। घटना स्थल की स्थिति को देखते हुए यह भी माना जा रहा है कि रात के अंधेरे में कटी एप्रोच रोड के कारण संतुलन बिगड़ने से खार में गिर गये होंगे।
सूचना पर मीरगंज कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन सूचित कर ग्रामीण गोताखोर लगाकर रिटायर फौजी की तलाश शुरू कर दी है। लेकिन चार घंटे बीतने के बाद भी अभी तक लापता फौजी का कहीं पता नहीं चल सका है।
मीरगंज कोतवाली प्रभारी प्रयागराज सिंह का कहना है कि आंवला तहसील इलाके के गांव गुलड़िया निवासी रिटायर फौजी प्रेमपाल सिंह की चप्पलें, बाइक और मोबाइल रामगंगा नदी पर बने पुल की ध्वस्त हुई एप्रोच रोड के किनारे से बरामद हुए। जिसकी सूचना परिजनों को देकर गोताखोर तलाश हेतु जुटा दिए गये हैं। और एसडीआरएफ टीम से संपर्क साधा गया है।