आईवीआरआई में शताब्दी संकल्प @2047 एवं समृद्धि का शताब्दी वर्ष विषय पर हुआ संवाद कार्यक्रम
जागरण टुडे बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में मंगलवार को “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश, शताब्दी संकल्प @2047 एवं समृद्धि का शताब्दी वर्ष” विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें प्रगतिशील कृषक, कृषि छात्र, वैज्ञानिक, एफपीओ सदस्य और किसान शामिल हुए।
कार्यक्रम में पूर्व आईपीएस प्रशांत कुमार ने कहा कि “समय के साथ टेक्नोलॉजी को अपनाना मानव विकास का मूल मंत्र है”। उन्होंने बताया कि यूपी कानून-व्यवस्था और निवेश के बेहतर माहौल के कारण तेजी से प्रगति कर रहा है। वहीं, नोडल अधिकारी सौरभ बाबू ने कहा कि कृषि उत्पादन के साथ प्रोडक्टिविटी बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है, और इसके लिए किसानों के सुझाव बेहद अहम होंगे।
आईवीआरआई के पूर्व निदेशक अशोक कुमार वर्मा ने सुझाव दिया कि पशुओं के लिए बीमा कवर, नस्ल सुधार और प्रोसेसिंग प्लांट ग्राम स्तर पर स्थापित किए जाएं, जिससे किसानों को वाजिब दाम मिल सके। आईवीआरआई निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि संस्थान अब तक 50 से अधिक वैक्सीन विकसित कर चुका है, और 2047 तक कई बीमारियों पर काबू पाने का विजन रखा गया है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि प्रदेश में 25 करोड़ जनता है, ऐसे में हर घर से सुझाव आना चाहिए। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती छोड़ व्यवसायिक खेती अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर किसानों ने भी अपने सुझाव रखे। गांवों में संसाधनों की उपलब्धता, गन्ना मूल्य भुगतान पर सख्त कानून, गाय के गोबर-गोमूत्र का सदुपयोग और ड्रैगन फ्रूट जैसी नई फसलों को बढ़ावा देने की बातें सामने आईं।
कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार साहनी, मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, एसपी नगर मानुष पारीक के अलावा विश्वविद्यालय के पूर्व परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविन्द, आईवीआरआई के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त सिंह आदि मौजूद रहे।