लगातार बढ़ रहे यमुना के जलस्तर ने वृंदावन के कई इलाकों को प्रभावित किया है। परिक्रमा मार्ग स्थित वराह घाट, गऊघाट, कालीदह, मदन मोहन मंदिर और जुगल घाट के आसपास बाढ़ की स्थिति देखने को मिली। ऐसे में धर्म रक्षा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को इन क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और मां यमुना से प्रार्थना करते हुए उनका पूजन, दुग्धाभिषेक, आरती और पुष्प अर्पण किया।
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा कि इस बार यमुना का पानी वृंदावन शहर के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच गया है। इसका सबसे ज्यादा असर नदी किनारे बसे परिवारों पर पड़ा है, जो नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि मां यमुना से प्रार्थना की गई है कि वे जल्द अपना वेग शांत कर सामान्य स्वरूप में लौटें।
कार्यकारी अध्यक्ष महंत मोहिनी बिहारी शरण ने बाढ़ पीड़ितों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में इंसानों से ज्यादा गौवंश और अन्य जानवर संकट में हैं। इनके लिए रहने और खाने-पीने की व्यवस्था सुचारू रूप से होना बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय महासचिव स्वामी अतुल कृष्ण दास ने जानकारी दी कि धर्म रक्षा संघ बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन के पैकेट, पानी की बोतलें और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि मदद सीधे उन तक पहुंचे जो सबसे अधिक प्रभावित हैं।
प्रतिनिधिमंडल में श्रीदास प्रजापति, मुकेश शर्मा, गोपाल शर्मा, अंबरीश पुंढीर, अजय शर्मा पप्पी और रविकांत गौतम भी मौजूद रहे। सभी ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
स्थानीय लोगों ने धर्म रक्षा संघ के इस प्रयास की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि प्रशासन और समाजसेवी संगठन मिलकर प्रभावित परिवारों और पशुओं को राहत पहुंचाएंगे।