जागरण टुडे, पीलीभीत। नेपाल में इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म बंद किए जाने के बाद हालात बिगड़ गए हैं। नाराज़ युवाओं ने विद्रोह का झंडा बुलंद करते हुए आगजनी की और कई सरकारी इमारतों को नुकसान पहुँचाया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मंगलवार को नेपाल के प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। उधर, बिगड़ते हालात का असर सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों पर भी पड़ने की आशंका को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेट मीडिया प्रतिबंध से नाराज़ युवाओं ने नेपाल के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन किए। भीड़ ने सरकारी संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया और प्रशासन को चुनौती दी। हालात काबू से बाहर होने पर प्रधानमंत्री को पद छोड़ना पड़ा।
भारत की ओर से एसएसबी और स्थानीय पुलिस को सीमा पर चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पीलीभीत जनपद में माधोटांडा सहित सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त गश्त लगातार जारी है। पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रतीक दहिया ने बताया कि सीमा पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
मंगलवार देर शाम पूरनपुर सीओ विक्रम दहिया ने माधोटांडा थाना पुलिस और एसएसबी जवानों के साथ सीमा का दौरा किया। उन्होंने चेकपोस्ट और नो-मैंस लैंड का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था परखीं। इस दौरान ग्रामीणों से सतर्क रहने और संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।
थाना अध्यक्ष अशोक पाल ने बताया कि जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। सीमा चौकियों पर हर आने-जाने वाले की पूछताछ की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तुरंत कार्रवाई होगी।