जिले में अवैध रूप से अस्पताल और क्लीनिक संचालित करने वालों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने शीशगढ़ और दुनका क्षेत्र में निरीक्षण अभियान चलाकर दो अस्पताल और दो क्लीनिक को सील कर दिया। इस कार्रवाई से संचालकों में हड़कंप मच गया।
स्वास्थ्य विभाग के झोलाछाप नियंत्रण सेल के प्रभारी डॉ. अमित के नेतृत्व में टीम सबसे पहले शीशगढ़ पहुंची। यहां रेशमा जच्चा बच्चा केंद्र एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर में दो मरीज भर्ती मिले। जब अस्पताल का पंजीयन प्रमाणपत्र मांगा गया तो स्टाफ कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका। इस पर दोनों मरीजों को सीएचसी में शिफ्ट कर दिया गया और अस्पताल को सील कर दिया गया।
इसी तरह आदेश क्लिनिक और जच्चा बच्चा क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया। यहां भी पंजीयन न मिलने पर दोनों को सील कर दिया गया। इसके अलावा टीम दुनका क्षेत्र में इंडियन हॉस्पिटल पहुंची, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और न ही पंजीयन दस्तावेज उपलब्ध थे। नतीजतन हॉस्पिटल सील कर दिया गया।
कार्रवाई की भनक लगते ही कई संचालक अपने अस्पताल और क्लीनिक बंद कर मौके से फरार हो गए। टीम का कहना है कि बिना पंजीयन इलाज करना मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है और इस पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नोडल अधिकारी डॉ. अमित ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिन अस्पतालों और क्लीनिकों के पास पंजीयन संबंधी दस्तावेज नहीं मिले, उन्हें सील किया गया है। संचालकों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। यदि निर्धारित समय में दस्तावेज नहीं दिए गए तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।