लाशों के सौदे को लेकर एक ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है।जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी।
बरेली पोस्टमर्टम हाउस पर लाशों का सौदा किए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक ऑडियो और वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें लाशों का सौदा किया जा रहा है। इसमें कोतवाली थाने में तैनात सिपाही नरेन्द्र प्रताप सिंह भी बात करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियों सामने आने पर एसएसपी ने सिपाही नरेंद्र प्रताप को निलंबित कर दिया।
एसएसपी ने इस मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम में एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ एलआईयू विजय राणा और उप मुख्य चिकित्साधिकारी शामिल किए गए हैं। ऑडियो में संविदा कर्मी सुनील साफ-साफ सौदेबाजी कर रहा है। वह कह रहा है, जो रुपये लेते हैं, वो तो नमक के बराबर हैं, असली रकम ऊपर के अफसरों तक जाती है। सुनील का दावा है कि उसके पास यूपी के अलग-अलग जिलों से लाशों का जुगाड़ है।
इसी दौरान सिपाही नरेन्द्र प्रताप सिंह भी सौदेबाजी में शामिल होता है। उसने कहा कमाना सबको है, बात करनी पड़ेगी। पुलिस को आशंका है कि लावारिस लाशों का कागजों पर अंतिम संस्कार दिखा दिया जाता है, लेकिन उसे रुपये लेकर कुछ प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को बेच दिया जाता है, जिससे उनकी एमबीबीएस की मान्यता बनी रहे।
ड्यूटी से गायब मिले मुख्य आरक्षी को एसएसपी ने किया निलंबित
चौकी चौराहा स्थित इलाहाबाद बैंक पर तैनात मुख्य आरक्षी देवेश कुमार को ड्यूटी से गायब मिलने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने निलंबित कर दिया। एसएसपी के अनुसार 27 अगस्त की देर रात जोनल चेकिंग की गई थी। चेकिंग के दौरान बिना अनुमति और अवकाश के ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित पाए गए थे। इस पर उनके इस कृत्य से पुलिस की छवि को धूमिल करने, अपने पदीय दायित्वों के उल्लंघन, कर्तव्यपालन में लापरवाही, अनुशासनहीनता के आरोप में एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।