बारादरी पुलिस ने ईसाइयों की पुलिया के पास बुधवार 10 सितंबर की रात हुए हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से हुई मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से एक आरोपी घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक अचानक टेंपो मोड़ने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। तभी एक हमलावर ने गौरव पर गोली चला दी थी।
यह है पूरा मामला
बिशारतगंज कस्बा निवासी छोटेलाल गोस्वामी ने बताया कि उनका बेटा गौरव गोस्वामी अपने चचेरे भाई आकाश गोस्वामी के साथ शाही थाना क्षेत्र के गांव कुल्छा तहेरे भाई मनोज गोस्वामी से मिलने गए थे। वहां से मनोज के साथ तीनों बरेली शहर में आकर अपने दोस्त लकी लभेड़ा, आकाश राठौर, डंपी और अनिल से मिले। इसके बाद एक होटल पर जाकर खाना खाया। फिर तीन बाइकों पर सेटेलाइट पुल के पास से शाहमतगंज की ओर जा रहे थे। तभी ईसाइयों की पुलिया के पास टेंपो चालक चालक खुर्रम गोटिया निवासी अनस उर्फ मुलायम ने अपने मोहल्ले के साथी नैतिक सोहनकर, बिहारी सोहनकर, राजा, अभय, शेखर, समीर और चंदन ने हमला बोल दिया और गोली मारकर गौरव की हत्या कर दी।
बारादरी इलाके में 99 बीघा ग्राउंड के पास हुई मुठभेड़
एसएसपी अनुराग आर्य ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीओ सिटी तृतीय पंकज श्रीवास्तव के निर्देशन में एसओजी और बारादरी पुलिस की कई टीमें गठित की थीं। बृहस्पितवार 11 सितंबर की रात करीब 11 बजे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 99 बीघा ग्राउंड के पास तीन हत्यारोपियों को घेर लिया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में हत्यारोपी खुर्रम गौंटिया निवासी शेखर के बांए पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर वहीं गिर गया। तभी पुलिस ने शेखर, उसके साथी टेंपो चालक अनस उर्फ मुलायम सिंह और नवादा शेखान निवासी चंदन को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद घायल को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती करा दिया गया।
टेंपो चालक ने अपने घर के सामने किया था हमला
पूछताछ के दौरान हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि सैटेलाइट पुल के पास बाइक मोड़ते समय अचानक टेंपो सामने आने से हादसा होते-होते बचा। इससे टेंपो चालक अनस उर्फ मुलायम से कहासुनी हो गई। इसके बाद टेंपो चालक गाली देते हुए आगे बढ़ गया। गौरव और उसके दोस्तों ने उसका पीछा किया। ईसाइयों की पुलिया मोड़ से खुर्रम गौंटिया की ओर मुड़कर अनस ने अपने घर के पास टेंपो रोक दिया। फिर अपने साथी नैतिक सोनकर, बिहारी सोनकर, राजा, अभय, शेखर, चंदन और समीर को बुलाकर गौरव और उसके साथियों पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान आरोपी बिहारी ने गौरव के गोली मार दी।