जागरण टुडे, बरेली
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) में जवानों को तनाव से दूर रखने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से तीन दिवसीय तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला बुखारा स्थित कैंप में संपन्न हुई, जिसमें जवानों को विशेषज्ञों ने तनाव से निपटने के व्यावहारिक उपाय बताए।
कार्यशाला में निमहांस (बेंगलुरु) से प्रशिक्षित सहायक सेनानी ओंकार सिंह ने तनाव के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे ड्यूटी के दौरान मानसिक दबाव को नियंत्रित किया जा सकता है, और किन परिस्थितियों में सरल तकनीक अपनाकर तनाव को कम किया जा सकता है। साथ ही बल में प्रचलित योजनाओं और सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस मौके पर उदयवीर सोरोत, सेनानी (स्टॉफ), क्षेत्रीय मुख्यालय बरेली ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम, ध्यान और सकारात्मक सोच से तनाव को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
कार्यशाला का समापन डीआईजी अवनीश द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल का कार्य कठिन और जिम्मेदारी भरा होता है, इसलिए मानसिक रूप से मजबूत रहना अनिवार्य है। उन्होंने जवानों को तनाव प्रबंधन की उपयोगी युक्तियां साझा कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
तीन दिवसीय इस कार्यशाला ने जवानों को न सिर्फ तनाव से निपटने के तरीके बताए, बल्कि बेहतर कार्यक्षमता और सकारात्मक सोच विकसित करने का अवसर प्रदान किया। जवानों ने भी ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से कराने की मांग की, ताकि वे मानसिक रूप से सशक्त रह सकें।