मथुरा। जनपद न्यायालय मथुरा में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी सफलता मिली। कुल 3,70,388 वादों को निस्तारण हेतु निर्धारित किया गया था, जिनमें से 2,88,306 वादों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मथुरा के अध्यक्ष विकास कुमार ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आशीष जैन, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरेंद्र प्रसाद, नोडल अधिकारी ब्रह्मतेज चतुर्वेदी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्सव गौरव राज, बार एसोसिएशन पदाधिकारी और बैंक व वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रमुख निस्तारण और उपलब्धियां
सिविल और पारिवारिक वाद: जनपद न्यायाधीश ने स्वयं 44 सिविल वादों का निस्तारण किया। परिवार न्यायालय में 35 वाद निपटाए गए, वहीं 5 वैवाहिक जोड़ों ने विवाद खत्म कर दोबारा साथ जीवन शुरू करने का निर्णय लिया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद: न्यायाधिकरण ने 110 वादों में 12.66 करोड़ रुपये से अधिक प्रतिकर राशि दिलाने के आदेश दिए।
फौजदारी वाद: कुल 36,614 मामलों का निस्तारण कर 11.10 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
चेक बाउंस मामले: 77 वादों में 5.08 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित कराया गया।
अन्य वाद: 103 व्यवहारिक, 127 विद्युत अधिनियम, 21 उपभोक्ता फोरम और 85 विविध मामलों का निपटारा किया गया।
बैंकों व मोबाइल कंपनियों द्वारा लाए गए 1,562 प्री-लिटिगेशन वादों में 10.07 करोड़ रुपये वसूले गए। वहीं, जिला व तहसील स्तर पर 2.47 लाख प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया।
कार्यक्रम में जिला कारागार के कैदियों द्वारा निर्मित वस्त्र और एलईडी उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री भी आयोजित की गई। न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने इन उत्पादों को सराहा और खरीदारी भी की। अंत में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरेंद्र प्रसाद ने सभी का आभार व्यक्त किया।