वृंदावन। जीएलए विश्वविद्यालय एवं ब्रज संस्कृति शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पौराणिक ब्रह्मकुंड पर 14 से 16 सितंबर तक तीन दिवसीय सांझी मेला आयोजित किया जा रहा है। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए केशव कुंज स्थित ब्रज फाउंडेशन कार्यालय पर बैठक आयोजित हुई।
संस्थान के सचिव लक्ष्मीनारायण तिवारी ने बताया कि यह मेला वर्ष 2015 में द ब्रज फाउंडेशन द्वारा शुरू किया गया था और तब से हर साल धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रज की सांझी कला न सिर्फ सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि भक्ति और उपासना का भी हिस्सा है। ग्रामीण अंचल में महिलाएं गोबर से दीवारों पर सांझी रचती हैं और इसमें फूलों व प्रतीकों का उपयोग करती हैं।
इस बार का सांझी मेला विशेष रूप से ठा. बांकेबिहारी महाराज के चित्रण पर केंद्रित रहेगा। मेले में सांझी पद गायन, आरती, नृत्य, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंगोली व सांझी प्रतियोगिताएं होंगी। साथ ही सांझी कला के इतिहास पर प्रदर्शनी, विभिन्न शैलियों की सांझियों का प्रदर्शन, कलाकारों का सम्मान और संगोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा।
मेले का आयोजन प्रतिदिन शाम 6 से 9 बजे तक होगा। इस अवसर पर जेपी सारस्वत, एनएल शर्मा, आनंद यादव, गोपाल शरण शर्मा, विश्वजीत दास, ब्रजगोपाल चित्रकार, कमलेश्वर शर्मा, जगदीश सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।