दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने शाहजहांपुर की घटना पर अफसोस और गम का इजहार किया है। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम या दूसरे धर्मों के रहनुमाओं की शान में गुस्ताखी नहीं होनी चाहिए। इस पर सख्त कानून बने। शाहजहांपुर की घटना ने समाज के हर इंसान के दिल पर चोट पहुंचाई है।
सज्जादानशीन अहसन मियां ने सरकार से मांग उठाई है कि किसी भी धर्म की तौहीन करने वालों को कठोर सजा दी जाए, ताकि समाज में इस तरह की ओछी हरकतों से माहौल खराब करने की कोई जुर्रत न कर सके। इस मुद्दे पर नरम रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आला हजरत दरगाह से जुड़े परवेज नूरी के हवाले से जारी पैगाम में अहसन मियां ने कहा कि हम सब कुछ बर्दाश्त कर सकते हैं, लेकिन नबी की शान में गलत बात नहीं।
दरअसल शाहजहांपुर में सोशल मीडिया पर एक विवादित धार्मिक पोस्ट से हंगामा खड़ा हो गया था, और सैकड़ों की भीड़ विरोध के लिए सड़कों पर उतर आई थी। हालांकि शाहजहांपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है