जागरण टुडे, बरेली
पूर्वोत्तर रेलवे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए रेलवे नई तकनीक लागू करने जा रहा है। ट्रेनों के इंजनों में वॉयस रिकॉर्डर लगाए जाएंगे, जो फ्लाइट के ब्लैक बॉक्स की तरह काम करेंगे। दिवाली के बाद इस योजना की शुरुआत उत्तर रेलवे इज्ज्तनगर मंडल की 104 ट्रेनों से होगी।
सीपीआरओ पीके सिंह ने बताया कि इन वॉयस रिकॉर्डरों में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट की आपसी बातचीत, कंट्रोल से हुई बात और अन्य तकनीकी ध्वनियां रिकॉर्ड होंगी। दुर्घटना या किसी आपात स्थिति में यह रिकॉर्डर महत्वपूर्ण सबूत के रूप में काम करेगा और घटना की वास्तविक वजह पता लगाने में मददगार होगा।
अभी तक ट्रेन हादसों की जांच के दौरान घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों और कर्मचारियों के बयानों पर ही निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन वॉयस रिकॉर्डर लगने के बाद जांच अधिक सटीक और पारदर्शी हो सकेगी। रेलवे का मानना है कि इस तकनीक से न केवल हादसों की जांच आसान होगी, बल्कि लोको पायलटों में भी सतर्कता और जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।
इज्जतनगर मंडल के अलावा अन्य मंडलों में भी इस प्रणाली को लागू किया जाएगा। पहले चरण में 104 इंजनों में यह उपकरण लगाए जाएंगे और इसके सफल संचालन के बाद संख्या बढ़ाई जाएगी। रेल प्रशासन का कहना है कि जैसे हवाई जहाजों में ब्लैक बॉक्स सुरक्षा जांच का अहम आधार होता है, वैसे ही अब ट्रेनों में वॉयस रिकॉर्डर सुरक्षा को नया आयाम देंगे।