जागरण टुडे, बरेली
पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) उपयोग में लाई गई व निष्प्रयोज्य घोषित चादरों से थैले तैयार करवाएगा। इस संबंध में महाप्रबंधक ने सभी मंडलों को निर्देश जारी किए हैं।
रेल अफसरों के अनुसार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इस पहल से यात्रियों को प्लास्टिक हटाओ, कपड़े का थैला अपनाओ का संदेश दिया जाएगा। पुराने और अनुपयोगी हो चुके बेड रोल की चादरों को फेंकने के बजाय उनसे मजबूत थैले बनाए जाएंगे। इन थैलों का वितरण यात्रियों में कर रेलवे प्लास्टिक मुक्त यात्रा की ओर कदम बढ़ाएगा।
सभी मंडलों से पुरानी व निष्प्रयोज्य घोषित चादरों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इन चादरों को थैला निर्माण के लिए वर्कशाप में भेजा जाएगा। प्रतिदिन हजारों यात्री स्टेशन और ट्रेनों में प्लास्टिक का उपयोग करते हैं, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। यदि यात्रियों को कपड़े का थैला उपलब्ध कराया जाए तो वे प्लास्टिक से दूरी बनाने के लिए प्रेरित होंगे।