जनपद बरेली के मीरगंज विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सिंधौली में वीती रात्रि दौरान दर्दनाक हादसे में एक गरीब की झोपड़ी पूरी तरह से जलकर राख हो गयी। और महिला भी झुलस गयी। जिससे गरीव परिवार खुले आसमान के नीचे पहुंच गया।
बरेली के मीरगंज तहसील इलाके के गांव सिंधौली के समीप प्रवाह कर रही पीलाखार नदी के समीप एक गरीब परिवार सत्यवीर पुत्र प्रेमपाल का परिवार एक दशक पूर्व से परिवार का विभाजन होने पर एक फूस की झोपड़ी में अपनी पत्नी जशोदा व चार बच्चों के साथ रहकर जीवन यापन कर रहा था। जोकि मजदूरी पेशा पर ही आधारित था। पीड़ित सत्यवीर के मुताबिक उसका पूरा परिवार विगत 15 सितम्बर की शाम को खाना खाकर अपने झोपड़ी नुमा आशियाना में सोए थे। रात्रि दौरान ही उसकी झोपड़ी में आग लग गयी। जब आग की लपटों क तपन परिवार तक पहुंची तो सभी जागे और बाहर निकल कर जान बचाई। शोर गुल होने पर आसपास के ग्रामीणों के साथ पूरा परिवार आग बुझाने हेतु जुट गया।
जब तक कि आग पर काबू पाया गया। जब तक घर पूरी तरह से राख में तब्दील होने साथ ही घर में पहनने व ओढने व बिछाने के कपड़े रजाई आदि एवं खाद्यान व वर्तन आदि सब कुछ राख हो गया। और आग बुझाने के दौरान उसकी पत्नी जशोदा के हाथ भी झुलस गये। और पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया। यहां तक कि परिवार को एक समय के लिए पेट भरने तक को कुछ नहीं बचा।
आग लगने की सूचना पर पहुंचे गांब सिधौली निवासी समाज सेवी पुष्पेंद्र दिवाकर ने पीड़ित परिवार को राहत के बतौर खाने पीने के सामान हेतु नगदी देकर राहत पहुंचाई। और पुष्पेंद्र दिवाकर व अन्य ग्रामीणों ने शासन एवं प्रशासन से मुआबजा दिए जाने की मांग की है।