विकास श्रीवास्तव
बदायूँ अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एच.पी. इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, दातागंज रोड बदायूं में मंगलवार को एड्स जागरूकता को लेकर एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की प्राचार्य रतिका चावला द्वारा की गई, जिसमें छात्रों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
गोष्ठी में जिला कार्यक्रम अधिकारी (एड्स) डॉ. विनेश कुमार ने बताया कि एचआईवी संक्रमण के मुख्य चार कारण हैं—असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित माता से जन्म लेने वाला बच्चा, संक्रमित व्यक्ति का रक्त चढ़ाना और संक्रमित सिरिंज या इंजेक्शन का उपयोग। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवनशैली में सतर्कता और सुरक्षा बरतने की सलाह दी।
इस अवसर पर PPTCT काउंसलर सुषमा सिंह ने बताया कि यदि कोई महिला एचआईवी संक्रमित है तो उसका प्रसव केवल प्रशिक्षित चिकित्सकों की देखरेख में ही होना चाहिए, ताकि बच्चे को संक्रमण से बचाया जा सके। इसके साथ ही STI (यौन संचारित रोगों) से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।
लोक स्मृति सेवा संस्थान के कार्यक्रम प्रबंधक शनि दुबे ने बताया कि उनकी संस्था एफएसडब्ल्यू, एमएसएम, और ड्रग यूज़र्स जैसे उच्च जोखिम समूहों में एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, "सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।"
कार्यक्रम का संचालन रोहित सक्सेना (SSK प्रोग्राम मैनेजर), राजेश कुमार सागर (SSK काउंसलर) और हनी सक्सेना (TI अकाउंटेंट) ने किया।
इस अवसर पर डॉ. मो. हसीन, डॉ. अमित कुमार, आदित्य शर्मा, गौरव मिश्रा, अभिषेक, सायमा इस्लाम, अक्षरा सक्सेना, वैष्णवी राठौर सहित संस्थान के समस्त शिक्षकों ने सक्रिय सहयोग किया, जिससे कार्यक्रम पूर्णतः सफल रहा।