बदायूं थाना उघैती क्षेत्र में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहे आरोपी जितेश ने गिरफ्तारी से बचने के लिए आज दिनांक 16 सितम्बर 2025 को कलेक्ट्रेट परिसर में ज़हर खा लिया। तत्कालीन सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से उसे जिला अस्पताल बदायूं में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
मामले की शुरुआत 10 सितम्बर 2025 को हुई थी, जब वादिनी श्रीमती माधुरी पत्नी राजेश कुमार श्रीवास्तव, निवासी ग्राम छिबऊ कलां, थाना उघैती ने अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला थाना उघैती पर मु0अ0सं0 172/25 धारा 65(1)/351(3) BNS व ¾(2) पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया। आरोपी जितेश पुत्र लक्ष्मीनारायण, निवासी छिबऊ कलां, के खिलाफ पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज कराए जा चुके हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि जितेश पहले से ही अपराध की दुनिया में लिप्त रहा है। उसके विरुद्ध थाना उघैती में पहले भी दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, साथ ही उस पर पूर्व में गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई भी हो चुकी है।
आज जब पुलिस का शिकंजा कसने लगा तो आरोपी ने आत्महत्या का प्रयास कर कानून से बचने की नाकाम कोशिश की। कलेक्ट्रेट परिसर में हुए इस घटनाक्रम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस अब आरोपी के ठीक होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाने की तैयारी कर रही है।
इस मामले ने कानून व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।