विकास श्रीवास्तव
जनपद बदायूं के प्रसिद्ध मेला ककोड़ा को लेकर जिला पंचायत प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। गंगा नदी में आई बाढ़ के चलते जहां मेला स्थल पानी में डूबा हुआ है, वहीं अब बाढ़ का पानी उतरते ही स्थल की सफाई और पुनर्व्यवस्था का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देशित किया गया है कि झाड़ियां और अवांछित पेड़-पौधे हटाकर स्थल को समतल किया जाए।
कादरचौक क्षेत्र के ककोड़ा गांव में लगने वाला यह मेला ‘मिनी महाकुंभ’ के नाम से जाना जाता है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए एकत्र होते हैं। जिला पंचायत की ओर से मेले की संपूर्ण व्यवस्थाएं कराई जाती हैं। इस वर्ष भी पिछले साल के स्थान को ही मेला स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। हालांकि, यदि गंगा की धारा में बदलाव हुआ तो स्थान में आंशिक परिवर्तन संभव है।
जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने मेला स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी खत्म होते ही PWD द्वारा झाड़ियां और पेड़-पौधों की कटाई, स्थल समतलीकरण और अन्य निर्माण कार्य शुरू किए जाएं।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि जैसे ही पानी सूखता है, कादरचौक से मेला स्थल तक टूटी हुई सड़क का पुनर्निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। साथ ही, अन्य जरूरी कार्यों के टेंडर जारी कर ठेकेदारों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे करने के निर्देश दिए जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि मेला आयोजन की सभी तैयारियों में लगभग 50 दिन का समय लगेगा। अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग ठेके दिए जाएंगे और सभी ठेकेदारों को समय सीमा का पालन करना होगा।
बाढ़ की स्थिति ने भले ही इस बार तैयारियों में विलंब किया है, लेकिन प्रशासन मेले को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में जैसे ही मौसम और स्थल की स्थिति अनुकूल होगी, कामों की रफ्तार और तेज कर दी जाएगी।