गैंगस्टर रोहित गोदारा ने फेसबुक पर पोस्ट कर चुनौती देते हुए लिखा- हमारे भाई ढेर नहीं, शहिद हुए हैं
अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर फायरिंग करने वाले चारों शूटर एक दिन पहले यानी 10 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे ही बरेली पहुंच गए थे। मुख्य शूटर रवींद्र रोडवेज के पास प्रीत पैलेस में रुका था। अरुण, विजय और नकुल जंक्शन रोड पर हिंद गेस्ट हाउस में ठहरे थे। रात को रोडवेज पर शूटर रविंद्र ने शराब पी। फिर सिगरेट पीते हुए होटल में पहुंचा। उधर, गाजियाबाद एनकाउंटर में दो साथियों के मारे जाने के बाद रोहित गोदारा बौखला गया है। उसने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर मारे गए दोनों को शहीद बताया। उसने लिखा कि ढेर नहीं हुए, दोनों शहीद हुए हैं, वक्त जरूर लगेगा मगर माफी नहीं मिलेगी।
दिशा पाटनी के बरेली के सिविल लाइन्स में चौपुला के पास स्थित घर पर 11 सितंबर को तड़के दो बाइक सवार शूटरों ने फायरिंग की थी। अगले दिन 12 सितंबर की सुबह 3:30 बजे दोबारा फायरिंग की गई। बाइक पर आए दो शूटरों ने ताबड़तोड़ नौ राउंड फायर किए थे। इसके बाद शूटर फरार हो गए थे। वारदात के समय दिशा पाटनी के पिता रिटायर्ड सीओ जगदीश पाटनी, उनकी मां पद्मा पाटनी और बहन रिटायर्ड मेजर खुशबू पाटनी घर में थे। वारदात के बाद फेसबुक पोस्ट के जरिये फायरिंग की जिम्मेदारी रोहित गोदारा और गोल्डी बरार गैंग ने ली थी।
बुधवार शाम यूपी एसटीएफ और दिल्ली की स्पेशल सेल ने गाजियाबाद की टॉनिका सिटी में मुठभेढ़ के दौरान दो बदमाशों को ढेर कर दिया। उनमें एक रोहतक का रहने वाला रविंद्र और दूसरा इंडियन कॉलोनी गोहना रोड सोनीपत निवासी अरुण था। उनके पास दो विदेशी पिस्टल बरामद हुईं, जिनमें एक ग्लॉक और दूसरी जिगाना है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने एसपी सिटी मानुष पारीक के निर्देश में पुलिस छह टीमें लगाई थीं। पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला कि रोहतक निवासी मुख्य शूटर रविन्द्र और इंडियन कॉलोनी गोहना रोड सोनीपत का अरुण, मोहल्ला लोहड़ा बागपत निवासी नकुल और बजीरपुर बागपत का विजय तोमर हैं, जो 10 सितंबर की सुबह को बरेली पहुंचे थे। चारों बदमाश दो अलग-अलग बाइकों पर झुमका चौराहे पर सुबह 6:48 बजे दिखाई दिए। उसके बाद तीन लोग 7:15 बजे जंक्शन रोड स्थित हिंद गेस्ट हाउस होटल पहुंचे। इनमें तीन विजय, नकुल और अरुण हिंद गेस्ट हाउस में ही रुक गए। जबकि रवींद्र सुबह 9:33 बजे पुराने रोडवेज के पास स्थित प्रीत पैलेस होटल पहुंचा और वहीं कमरा नंबर नौ में ठहरा।
फर्जी आधार से होटल में ठहरा था रविंद्र
पुलिस जांच में पता चला कि होटल में मुख्य शूटर ने रविन्द्र सागर नाम का आधार कार्ड दिया था, लेकिन उसमें आधार नंबर और पता गलत लिखा था। हालांकि उसमें फोटो रविन्द्र का लगा था। बाकी तीनों हिंद गेस्ट हाउस में सही नाम से रुके थे। मगर पता और आधार नंबर उनका भी गलत निकला। 10 सितंबर की रात आठ बजे रविन्द्र होटल के बाहर निकला और बाजार में जाकर शराब पी। उसके बाद 8:30 बजे होटल में लौटा। उस समय उसके हाथ में पानी की बोतल और दूसरे हाथ में जलती हुई सिगरेट थी। कंधे पर काले रंग का गमछा था।
पुर्तगाल से पोस्ट और भेजे गए ऑडियो की पुष्टि
पुलिस जांच में सामने आया कि फायरिंग के बाद हमले की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट फेसबुक पर पुर्तगाल से की गई थी। उसी मोबाइल नंबर से ऑडियो भी यहां भेजा गया था। पुलिस ने पुर्तगाल से डिटेल मंगवाई तो पता चला कि फोन 9 कंपनी का सिम है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रोहित गोदारा पुर्तगाल में बैठा है। गुरुवार को एक और पोस्ट रोहित गोदारा के नाम से बनी फेसबुक आईडी से पोस्ट की गई, जिसमें एनकाउंटर में मारे गए दोनों शूटरों को शहीद बताया गया। पुलिस दूसरे पोस्ट की डिटेल खंगाल रही है।
एक और अपराधी के शामिल होने की आशंका
पुलिस जांच में सामने आया कि 10 सितंबर को जब अपाचे बाइक झुमका चौराहे पर पहुंची तो उस पर रविन्द्र नहीं बैठा था। उसकी जगह कोई दूसरा युवक बैठा था, जबकि, उस बाइक को अरुण चला रहा था। वह रविंद्र से मिलती जुलती शर्ट पहने था। वह झुमका चौराहे पर यात्रियों के लिए बने शेड में तीन घंटे तक सोता रहा। जबकि, वहां से अरुण अपाचे बाइक लेकर अकेले निकला। पुलिस को आशंका है कि होटल में रामनिवास नाम से दिया गया आधार कार्ड जो मिला है, वो कहीं पांचवां अपराधी तो नहीं है। इधर, होटल छोड़कर शूटर निकले, उधर, यात्री शेड में सो रहा पांचवां अपराधी भी वहां से गायब हो गया। आशंका जताई जा रही है कि वह किसी बस से निकला है।
रोहित गोदारा बोला- हमारे भाई ढेर नहीं, शहीद हुए
एनकाउंटर के कुछ घंटे बाद गैंगस्टर रोहित गोदारा ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा कि हमारे भाई ढेर नहीं, शहीद हुए हैं। भाइयों, आज ये जो एनकाउंटर हुआ है, यह हमारे लिए जीवन की बहुत बड़ी क्षति है। मैं आपको बता दूं, यह जो न्यूज चैनल वाले चला रहे हैं कि ढेर हुए, ये ढेर नहीं शहीद हुए हैं। इन भाइयों ने धर्म के लिए अपना बलिदान दिया है। अरे कुछ तो शर्म करो। एक मुंह से तुम सनातन सनातन चिल्लाते हो और जो सनातन के लिए लड़ाई लड़े, उसे मार दिया जाता है। यह इंसाफ नहीं है। सनातन की हार हुई। ये जितने भी सनातन धर्म का नाम लेकर घूम रहे, ये सिर्फ अपनी रोटी सेंक रहे हैं। यह एनकाउंटर नहीं, सनातन की हार हुई है। धर्म के लिए लड़ने वालों को इस हिंदुस्तान में मार दिया जाता है। अगर तुम इतने सच्चे हो तो उठाओ मुद्दा। हमारे शहीद भाइयों को दिलाओ इंसाफ। सनातन धर्म की आड़ में धंधा चल रहा। मैं पूरे देश को बता देना चाहता हूं कि यह सनातन धर्म की आड़ में एक धंधा चला हुआ है। सभी देशवासी इनसे सावधान रहें और हम अगर धर्म के लिए लड़ सकते हैं तो हमारे शहीद भाइयों के लिए हम वह काम कर सकते हैं, जिसकी ये कल्पना भी नहीं कर सकते। इसमें जिसका भी हाथ है, वह चाहे कितना भी पैसे वाला हो या पावर वाला हो, वक्त लग सकता है, माफी नहीं है।
शूटर रविन्द्र ने आठ माह पहले किया था प्रेम विवाह
पुलिस सूत्रों की माने तो दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले मुख्य शूटर कहनी रोहतक निवासी रविन्द्र ने आठ महीने पहले ही प्रेम विवाह किया था। रोहित गोदारा बीकानेर में लूणकरणसर इलाके के कपूरीसर का रहने वाला है। वह साल 2010 से जरायम की दुनिया में है। बीकानेर शहर में रहते हुए मोबाइल रिपेयरिंग का भी काम किया, लेकिन धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में आगे बढ़ता चला गया। गैंगस्टर रोहित गोदारा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस के लिए 15 फरवरी को इंटरपोल को लेटर लिखा गया था। साथ ही देश के सभी एयरपोर्ट पर लुक आउट नोटिस जारी है। रोहित ने पवन कुमार के नाम से एक फर्जी पासपोर्ट बनवा कर दुबई गया था। उसके बाद वह लगातार कई देश बदल चुका है। फिलहाल मौजूदा समय में वह पुर्तगाल में है।
अभिनेत्री के पिता ने मुख्यमंत्री और पुलिस को दिया धन्यवाद
मुख्य शूटर रविंद्र और अरुण का एनकाउंटर होने के बाद फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के पिता और रिटायर सीओ जगदीश पाटनी गुरुवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डीजीपी, पुलिस, एसटीएफ और मीडिया को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री रहते उन्हें कोई डर नहीं है।
पुलिस हर स्थिति से निपटने को तैयार है: एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार रिटायर सीओ जगदीश पाटनी के घर फायरिंग करने वाले एक लाख रुपये के इनामी चार शूटर हमले से एक दिन पहले बरेली शहर में आ गए थे। इनमें तीन जंक्शन रोड और एक पुराने रोडवेज स्थित होटल में ठहरे थे। दो को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। जबकि, दो फरार शूटरों की तलाश की जा रही है। जांच में सामने आया है कि वारदात में एक और अपराधी शामिल है। उसे भी ट्रैस कर पहचान करने में टीम जुटी हुई है।