जनपद में स्मैक तस्करी करने वाले गिरोह और उनके सरगना पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने थाना प्रभारियों की आख्या रिपोर्ट के आधार पर जिले के आठ सक्रिय स्मैक तस्करों के गिरोह पंजीकृत किए हैं। इन सभी गिरोह में सरगना समेत 31 तस्कर शामिल हैं। सभी तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस इनकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी में है।
एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार फरीदपुर थाना प्रभारी की आख्या पर गांव मोहनपुर फरीदपुर निवासी शहादत खां को गैंग लीडर बनाया गया है। इस गिरोह में नसीम, आदिल और सालिम शामिल हैं। गांव अंजनी थाना सिरौली निवासी राहुल को सरगना बनाते हुए जनपद हजारीबाग झारखंड निवासी शांति कुमारी को सदस्य बनाया गया है।
भमोरा पुलिस ने गांव सल्लन नगर थाना बिनावर बदायूं निवासी महावीर को गैंग लीडर घोषित किया है। इस गैंग में ओमवीर, वीरेन्द्र और हुकुम सिंह को सदस्य बनाया गया है। बिथरी चैनपुर पुलिस ने बिवनी थाना अलीगंज निवासी राजेन्द्रपाल को गैंग का सरगना बनाया है। उसके गैंग में छह सदस्य हैं।
फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने मोहल्ला नई बस्ती निवासी मोनिश को सरगना बनाते हुए दो सदस्य बनाया है। फरीदपुर पुलिस ने ग्राम डिफेन्स कॉलोनी इज्जतनगर निवासी अखिल विश्वकर्मा को सरगना बनाते हुए गिरोह में दो सदस्यों को शामिल किया है। बरादरी पुलिस ने मेहतरपुर करोड़ थाना बिथरी चैनपुर निवासी नौबत यादव को सरगना और दो सदस्य बनाया। जबकि, मीरगंज पुलिस ने शाहनूरी मस्जिद जोगी नवादा निवासी असगर अली उर्फ गुड्डू को सरगना बनाया। इसके गिरोह में पत्नी समेत चार लोग शामिल हैं।
सभी गिरोहों के लीडर अपने साथियों के साथ मिलकर आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए स्मैक तस्करी और हत्या करने जैसा जघन्य अपराध करते हैं। इनमें कई बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली जा चुकी है। जल्द ही इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।