विकास श्रीवास्तव
जनपद बदायूं में कुछ ईको टैक्सी चालकों द्वारा सरेआम सुरक्षा नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए सीएनजी सिलेंडरों में डोमेस्टिक गैस भरकर वाहन चलाए जा रहे हैं। यह न केवल पूरी तरह अवैध है, बल्कि जानलेवा भी है। विशेषज्ञों का साफ़ कहना है कि सीएनजी सिलेंडर में घरेलू गैस का उपयोग विस्फोटक साबित हो सकता है। इसके बावजूद, न तो पुलिस हरकत में है और न ही परिवहन विभाग।
बिनावर थाना क्षेत्र के नरखेड़ा मोड़ पर खुलेआम घरेलू गैस को सीएनजी सिलेंडरों में भरते देखा गया। इन वाहनों में बैठे यात्री हर पल मौत के मुंह में सफर कर रहे हैं। गैस की प्रकृति और दबाव अलग होने के कारण जरा सी चूक भयंकर हादसे में बदल सकती है।
डोमेस्टिक गैस का उपयोग सिलेंडर की संरचना को भी क्षतिग्रस्त कर सकता है, जिससे वह विस्फोट के लिए तैयार बम बन जाता है। पहले भी कई जिलों में ऐसे ही "अज्ञात कारणों" से वाहन जलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं—कुछ में यात्री ज़िंदा जल गए, तो कुछ में वाहन राख हो गए।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठना लाज़मी है। आम नागरिकों का कहना है कि परिवहन विभाग और पुलिस की लापरवाही के कारण यह घातक खेल बेरोकटोक चल रहा है। गैस एजेंसियों की मिलीभगत के आरोप भी गंभीर हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारी यह तो मानते हैं कि यह पूरी तरह अवैध है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं दिखता।
विशेषज्ञ चेतावनी दे चुके हैं: घरेलू गैस रसोई तक ही सीमित रहनी चाहिए, वाहन में इसका उपयोग आत्मघाती कदम है। जिला प्रशासन ने अब निगरानी बढ़ाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, लेकिन जब तक सख्ती नहीं होगी, यह खतरा यूं ही दौड़ता रहेगा।