औरंगाबाद रजिस्टर्ड रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित भव्य रामलीला महोत्सव का शुभारंभ कैला मंदिर के पीछे धर्मशाला परिसर में हुआ। संयोजक शिव सिंह सैनी के नेतृत्व में श्रीराम के उद्घोष के साथ मंचन की शुरुआत हुई। पहले दिन की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भक्ति और आस्था के रस में सराबोर कर दिया।
स्थानीय कलाकारों ने मंच पर नारद मोह लीला का जीवंत चित्रण किया। कथा की शुरुआत में भगवान शिव और माता पार्वती के बीच संवाद प्रस्तुत हुआ। इसके बाद नारद जी की तपस्या को कामदेव द्वारा भंग करने का दृश्य दर्शाया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। आगे चलकर नारद जी अपने पक्ष को रखने के लिए भगवान शिव और भगवान विष्णु के पास पहुंचे। महोत्सव का मुख्य आकर्षण विश्व मोहिनी स्वयंवर रहा, जिसमें नारद जी ने भगवान विष्णु को श्राप दिया। इस पूरी लीला का मंचन कलाकारों ने इतनी भव्यता और भावनाओं के साथ किया कि पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा।
रामलीला आयोजन में कमेटी के अध्यक्ष नंदलाल उपाध्याय, महामंत्री ताराचंद अग्रवाल, सचिव राजेश सैनी, कोषाध्यक्ष बालकृष्ण अग्रवाल, मीडिया प्रभारी पिंटू मिश्रा, सलाहकार दर्शपाल सिंह, व्यास श्री विशंभर दयाल शर्मा, पार्षद गुलवीर चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा जगदीश सैनी, सत्यप्रकाश निषाद, थानेंद्र शर्मा एडवोकेट, शिवराम सिंह, अशोक सैनी, गोविंद अग्रवाल, गौरव सैनी, मोतीलाल शर्मा, जसवंत सिंह कुशवाहा, सोनू पंडित, डॉ. योगेश कुमार, अनिल गोयल, किशन सैनी, जगन ठेकेदार और मुरारी लाल ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
पहले दिन की रामलीला ने न केवल भक्तों को भावविभोर किया बल्कि आने वाले दिनों की प्रस्तुतियों के प्रति उत्सुकता भी बढ़ा दी। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में श्रीराम के जीवन से जुड़े और भी महत्वपूर्ण प्रसंग मंचित किए जाएंगे।