लखनऊ, एजेंसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोक भवन से प्रदेशव्यापी मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, लेकिन आज वे खुद अपनी राह बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नारी सम्मान उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और साफ नीयत से बनाई गई योजनाएं स्वयं राह बना लेती हैं।
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने प्रदेश के सभी 1647 थानों में नव स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का उद्घाटन किया। साथ ही एओपी पुस्तिका, बुकलेट और ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर का विमोचन भी किया।
योगी ने बताया कि वर्ष 2020 में जब यह अभियान शुरू हुआ था तो लोगों में संशय था कि यह कैसे सफल होगा। लेकिन आज यह नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का सशक्त मॉडल बन चुका है। उन्होंने कहा कि 2024-25 में ही 9,513 मामलों में 12,271 अपराधियों को सजा दिलाई गई, जिनमें 12 को मृत्युदंड और 987 को उम्रकैद हुई।
महिला हेल्पलाइन : 1090, 181, 112, 1930, 1076, 102, 101, 108 और 1098 की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इन सेवाओं ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया है।
महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियां
-
यूपी पुलिस में 44 हजार से अधिक महिला कार्मिक
-
प्रत्येक भर्ती में 20% महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी
-
कन्या सुमंगला योजना से 26 लाख बेटियां लाभान्वित
-
सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपये की सहायता
-
40 हजार बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंस "सखियां", करोड़ों का लेन-देन
-
204 टेक होम राशन प्लांट से 60 हजार महिलाएं आत्मनिर्भर
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “अब किसी भी सीता हरण का लंका दहन होगा।” वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और सत्ता में भागीदारी मिली है।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि यूपी महिला सुरक्षा का मॉडल बन चुका है और महिला अपराधों में सजा दिलाने में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है।