आईएमए की बरेली शाखा के चुनाव में आगामी वर्ष 2026-27 के लिए अध्यक्ष पद पर डॉ. डीपी गंगवार ने कड़े मुकाबले में चार अन्य उम्मीदवारों को शिकस्त देकर जीत हासिल कर ली। डॉ. डीपी गंगवार आईएमए अध्यक्ष पद के लिए तीन बार पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके थे। पूर्व निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव एक अक्टूबर को अपना कार्यभार संभाल लेंगे।
डॉ. डीपी गंगवार और डॉ. हिमांशु अग्रवाल के बीच आरंभ से ही कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन मतगणना के आखिरी चरण में डॉ डीपी गंगवार ने डॉ. हिमांशु अग्रवाल को चार वोटों से मात दे दी। उपाध्यक्ष पद पर पूर्व में ही डॉ. वीवी सिंह और डॉ. निकुंज गोयल निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। सचिव के पद पर डॉ. अंशु अग्रवाल ने डॉ. ज्ञानेंद्र लाल गुप्ता को 195 वोट से मात दी। कोषाध्यक्ष पद पर डॉ. शालिनी माहेश्वरी ने 417 वोट पाकर डॉ. सुजॉय मुखर्जी को हराया। वहीं, पीआरओ पद भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। डॉ. कामेंद्र सिंह ने डॉ. ऋतु राजीव को महज तीन वोटों से मात दी।
चुनाव समिति के चेयरमैन डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए डॉ. डीपी गंगवार को 237, डॉ. हिमांशु को 233, राजकुमारी मित्तल को 193 और डॉ. रतन पाल सिंह को 112 वोट मिले। सचिव पद पर डॉ. अंशु अग्रवाल को 490 और डा. ज्ञानेंद्र लाल गुप्ता को 295 वोट मिले। कोषाध्यक्ष पद पर डा. शालिनी माहेश्वरी ने 417 और डा. सुजॉय मुखर्जी को 369 वोट मिले। पीआरओ पद के लिए डा. कामेंद्र सिंह को 395 और डॉ. ऋत राजीव को 392 वोट मिले।
इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह, डॉ. विनोद पागरानी, डॉ. राजीव गोयल, डॉ. रवि मेहरा और डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी, डा. सत्येंद्र सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. शाहिदा अली, डॉ. अरशद अली, डॉ. तबरेज आलम, डॉ. आरके भास्कर समेत अन्य मौजूद रहे। इधर, मतगणना के बाद परिणाम की घोषणा होने के बाद हारे प्रत्याशियों ने री-कांउटिंग की मांग की, लेकिन उनके दावों में कोई दम नहीं नजर आया।
इससे पहले आईएमए चुनाव के लिए रविवार सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान चला। सबसे पहले बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. केशव कुमार अग्रवाल ने अपना वोट डाला, कुछ ही देर बाद बीआईयू की कुलपति डॉ. लता अग्रवाल, प्रति कुलपति डॉ. किरण अग्रवाल व डॉ. अर्जुन अग्रवाल ने भी मतदान किया। वहीं दोपहर करीब 1 बजे वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना व बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा भी वोट डालने पहुंचे।
सुबह 10 बजे तक 110 सदस्य मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। वोटिंग का समय पूर्ण होने तक कुल 791 सदस्यों ने मतदान किया। शाम पांच बजे वोटिंग खत्म होने के बाद देर शाम उनकी गिनती शुरू हुई। रात 10 बजे के बाद एक-एक कर परिणाम आने के साथ खुशी से झूमने और मायूस होकर लौटने का सिलसिला शुरू हो गया। निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देने का दौर आधी रात तक चलता रहा।
पिछले साल की तुलना में अबकी ज्यादा पड़े वोट
चुनाव समिति के सदस्य डॉ. विनोद पागरानी ने बताया कि चुनाव घोषित होने के बाद सदस्यों को जागरूक किया जा रहा था कि वे ज्यादा से ज्यादा मतदान करें। इसका असर यह हुआ कि पिछले साल 754 सदस्यों ने मतदान किया था, जबकि इस साल यह संख्या 791 पर पहुंच गई। हालांकि इस साल सदस्यों की संख्या भी बढ़ी है। हालांकि एक वोट कैंसिल भी हुआ।