चार दिन पहले नेशनह हाईवे किनारे नग्न अवस्था में बेसुध मिली युवती की इलाज के दौरान शनिवार रात मौत हो गई। डॉक्टर प्रेमी ने पीछा छुड़ाने के लिए उसे मरा समझकर फेंक दिया था। हालांकि पुलिस आरोपी डॉक्टर को जेल भेज चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार युवती की मौत सिर में चोट, शॉक और अंदरूनी अंग में पस पड़ने से हुई। इस मामले में अब पुलिस हत्या की धारा बढ़ाएगी।
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के लखनऊ-दिल्ली हाईवे जीरो प्वाइंट, गोपालपुर नगरिया गांव के पास एक युवती नग्न हालात में घायल अवस्था में बेहोश पड़ी हुई थी। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया था। युवती ने होश आने पर बताया था कि वह बदायूं की रहने वाली है। उसने बरेली में रहकर नर्सिंग कोर्स किया है।
इसके बाद वह बीसलपुर रोड स्थित एक अस्पताल में नर्स की नौकरी करने लगी। जहां उसके संबंध अस्पताल के मालिक डॉ श्रीपाल से हो गए थे। श्रीपाल शादी का झांसा देकर उसके शोषण कर रहा था। जब भी वह शादी को कहती तो श्रीपाल नाराज हो जाता था। उसी ने पीछा छुड़ाने के लिए उसे नग्न कर एसिड से जलाकर फेंका था।
युवती के बयान पर पुलिस ने श्रीपाल के खिलाफ मुकदमा लिखने के बाद शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शनिवार रात इलाज के दौरान युवती की अस्पताल में मौत हो गई। इंस्पेक्टर चंद्र प्रकाश शुक्ला ने बताया आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके उसे जेल भेजा जा चुका है। अब मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी जाएगी।
मृतका के परिजनों ने तेजाब डालने का लगाया आरोप
शनिवार रात युवती के दम तोड़ने के बाद जिला अस्पताल से शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। युवती के पिता और परिवार के लोग भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए। उन्होंने बताया कि युवती का चेहरा बिगाड़ने के लिए डॉक्टर ने तेजाब डाला था। तेजाब उसके मुंह में भी चला गया। उसके नाजुक अंगों पर भी तेजाब डाला गया था।