जागरण टुडे, बरेली
रेलवे की तर्ज पर परिवहन निगम यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ रहा है। एमएसटी (मासिक सीजन टिकट) बनाने की प्रक्रिया एक अक्टूबर से पूरी तरह ऑनलाइन होगी। यात्रियों के हाथ में साधारण की जगह स्मार्ट एमएसटी कार्ड होगा। यात्रियों को हर महीने एमएसटी बनवाने के लिए बस स्टॉप के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यात्री घर बैठकर एमएसटी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के साथ रिचार्ज कर सकेंगे।इससे छात्रों, नौकरीपेशा और नियमित यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी।
बरेली परिक्षेत्र में चार डिपो संचालित हैं। इनमें बरेली डिपो से 210, रुहेलखंड डिपो से 223, बदायूं डिपो से 172 और पीलीभीत डिपो से 115 बसों का संचालन होता है। यहां से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, दिल्ली, देहरादून, चंडीगढ़, राजस्थान समेत कई शहरों के लिए रोडवेज बसें चलती हैं। विभागीय अफसरों के अनुसार बरेली परिक्षेत्र से एक हजार से अधिक एमएसटी धारक जुड़े हैं।
अभी तक एमएसटी डिपो/संबंधित बस स्टैंड पर बनती थी। कई बार इसके लिए यात्रियों को मशक्कत करनी पड़ती थी। अब उन्हें परेशानी नहीं झेलनी होगी। नई व्यवस्था के तहत मुख्यालय स्तर पर सभी डिपो के एमएसटी बनाने वाले बाबुओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एक अक्टूबर से यात्री परिवहन निगम की वेबसाइट पर जाकर स्मार्ट एमएसटी कार्ड बनवा सकते हैं।
आम यात्रियों और छात्रों की अलग-अलग जारी होगी एमएसटी
परिवहन निगम की ओर से आम यात्रियों व छात्रों के लिए अलग-अलग एमएसटी कार्ड जारी किए जाएंगे। अफसरों के अनुसार छात्र को पहचान पत्र साथ में रखना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त सामान्य एमएसटी भी बनेगी।
18 दिन का जमा करना होगा किराया
एमएसटी के लिए आवेदक को 18 दिन का किराया जमा करना होगा। इसके एवज में एक माह की (मासिक सीजनल टिकट) तत्काल जारी की जाएगी। जैसे बरेली से पीलीभीत का किराया 89 रुपये है। एक महीने की एमएसटी के लिए कुल 1458 रुपये जमा करना होगा।
एक बार स्मार्ट एमएसटी कार्ड बनने के बाद हर महीने यात्री को डिपो पर नहीं आना होगा। यात्री को रोडवेज की तरफ से एक कोड दिया जाएगा। इससे वह हर महीने एमएसटी को रिचार्ज करवा सकेगा। बस में परिचालक को मासिक पास चेक करने के लिए अपडेट नई ईटीएम मशीन दी जाएंगी। -अरुण वाजपेयी, एआरएम, रुहेलखंड डिपो