राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार सुबह वृंदावन रोड रेलवे स्टेशन, छटीकरा पहुंचीं। स्टेशन पर राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति बांके बिहारी जी मंदिर में दर्शन के लिए रवाना हुईं।
वृंदावन स्थित ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर पहुंचकर राष्ट्रपति ने विधिविधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने इत्र सेवा, दीप प्रज्ज्वलन और बिहारी अष्टक का पाठ किया। मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
निधिवन में पूजा-अर्चना की
बांके बिहारी मंदिर के बाद राष्ट्रपति निधिवन पहुंचीं, जहां उन्होंने ललिता कुंड, रंग महल, रास मंडल और वंशी चोरी स्थल पर इत्र और पुष्प अर्पण किए। स्वामी हरिदास की समाधि पर इत्र सेवा और चुनरी अर्पित की। सेवायत गोस्वामियों ने उन्हें निधिवन की पौराणिकता से अवगत कराया।
सुदामा कुटी में भजनकुटी का लोकार्पण
इसके बाद राष्ट्रपति सुदामा कुटी पहुंचीं। यहां उनका स्वागत संत-महात्माओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण से किया। राष्ट्रपति ने पारिजात का पौधा रोपा और महंत सुदामा दास महाराज की भजनकुटी का लोकार्पण किया। कुटी परिसर में गौ-पूजन भी किया।
कुब्जा कृष्ण मंदिर और जन्मस्थान के दर्शन किए
राष्ट्रपति ने मथुरा स्थित श्री कुब्जा कृष्ण मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर पहुंचकर विधिविधान से पूजा की। उन्होंने केशव देव मंदिर, योगमाया मंदिर, भागवत मंदिर और जगन्नाथ मंदिर में भी दर्शन किए। जन्मस्थान प्रबंधन और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह और राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की गई।
पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जहां उनका जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अभिनंदन किया। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हुईं।