जागरण टुडे, सोरों, कासगंज।
महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज-5 का सकारात्मक असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। जागरूकता अभियान से प्रभावित होकर महिलाएं न केवल अपने अधिकारों को समझ रही हैं, बल्कि गलत कानूनी कार्रवाइयों से भी परहेज़ कर रही हैं।
ऐसा ही एक मामला सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव बघेला पुख्ता में सामने आया है, जहां एक महिला ने जागरूक होकर एक झूठे छेड़छाड़ के मुकदमे को वापस ले लिया। गांव निवासी श्रीराम ने अपने पड़ोसी मौनू के खिलाफ अपनी पत्नी सौगंधा के माध्यम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी।
मामले की तह में जाने पर सामने आया कि श्रीराम ने मौनू को एक सेकंड हैंड मोबाइल बेचा था, लेकिन चार्जर नहीं दिया। मौनू चार्जर मांगने उनके घर गया, जहां कहासुनी हो गई। इस विवाद को तूल देकर श्रीराम ने अपनी पत्नी से मौनू के खिलाफ छेड़छाड़ की झूठी तहरीर दिलवा दी।
बाद में जब दंपति ने मिशन शक्ति के तहत चल रहे जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया, तो उन्हें समझ आया कि कानून का दुरुपयोग करना कितना गंभीर अपराध है। उन्होंने आत्ममंथन कर पुलिस से संपर्क किया और मुकदमा वापस लेने की तहरीर दी।
यह मामला मिशन शक्ति की सफलता और सामाजिक जागरूकता का उदाहरण है, जहां महिलाएं अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग हो रही हैं।