मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में परिवहन और पुलिस विभाग की कार्रवाई का तुलनात्मक आकलन किया गया। बैठक में पाया गया कि फतेहाबाद, मलपुरा, खंदौली और मथुरा के जैत, छाता और हाईवे सबसे ज्यादा खतरनाक हैं।
समीक्षा बैठक में पता चला कि फिरोजाबाद में अन्य जिलों की तुलना में यातायात उल्लंघन पर सबसे कम चालान हुए, जिस पर आयुक्त ने असंतोष जताते हुए कड़े प्रवर्तन निर्देश दिए। अप्रैल से अगस्त तक 8.60 करोड़ प्रमोशन शुल्क वसूला गया। एक्सप्रेस-वे पर खराब विम मशीनों को तत्काल दुरुस्त करने का आदेश दिया। बैठक में पता चला कि पिछले दो महीनों में आगरा में 76, फिरोजाबाद में 50, मैनपुरी में 32 और मथुरा में 201 लाइसेंस निलंबित किए गए।
बैठक में सामने आया कि चेकिंग के दौरान 331 बसों का चालान किया गया। फिटनेस न होने वाले वाहन मालिकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके सड़कों पर अनफिट वाहन दौड़ रहे हैं। इस पर आयुक्त ने स्कूलों की मान्यता रद्द करने के निर्देश। एंबुलेंस की रिस्पांस टाइम पर संतोष, लेकिन क्रेन की कमी पर नाराजगी जताई। सभी विभागों को क्रेन और अस्पताल संसाधन मजबूत करने का आदेश दिया।
आयुक्त ने हिट एंड रन के मामलों में पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए बीमा कंपनियों की बैठक कराने और अस्पतालों-पोस्टमार्टम हाउस के बाहर योजना से जुड़े बैनर लगाने के निर्देश। बैठक में अफसरों ने बताया कि आगरा के फतेहाबाद, मलपुरा, खंदौली और मथुरा के जैत, छाता और हाईवे सबसे ज्यादा खतरनाक हैं। आयुक्त ने विभागों को संयुक्त निरीक्षण और सुधार करने के निर्देश।
आयुक्त ने एमजी रोड पर जाम और गड्ढों को ठीक कराने, बेरिकेडिंग व्यवस्थित करने और गलत चालानों के निस्तारण की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश। इस दौरान जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी, डीसीपी ट्रैफिक अभिषेक अग्रवाल, आरटीओ अरुण कुमार, पीडब्ल्यूडी मुख्य अभियंता एनके यादव, नगर आयुक्त प्रतिनिधि और यूपीडा, एनएचएआई सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।