फर्जी दस्तावेज मामले में हुई थी गिरफ्तारी, रिहाई के वक्त निखत बानो रहीं मौजूद
कासगंज, जागरण टुडेः
पूर्वांचल के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को मंगलवार शाम लगभग 6:50 बजे कासगंज जेल से रिहा कर दिया गया। उमर ने जेल में एक माह सात दिन बिताए। उसकी रिहाई के वक्त उसके बड़े भाई व विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निखत बानो मौजूद रहीं।
उमर अंसारी को 23 अगस्त को फर्जी दस्तावेज़ मामले में कासगंज जेल में शिफ्ट किया गया था। आरोप था कि उसने कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए अपनी मां अफशां अंसारी के जाली हस्ताक्षर किए थे। यह याचिका गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत जब्त की गई संपत्ति को वापस लेने के लिए दाखिल की गई थी, जो मुख्तार अंसारी के खिलाफ दर्ज मामलों से जुड़ी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि याचिका में लगाए गए दस्तावेजों में अफशां अंसारी के हस्ताक्षर असली नहीं थे। इसके बाद उमर पर फर्जीवाड़ा और दस्तावेजों के जालसाजी का केस दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे सीधे कासगंज जेल भेजा गया था।
रिहाई के बाद जेल परिसर के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उमर अंसारी की रिहाई को लेकर समर्थकों में हलचल देखी गई, लेकिन प्रशासन ने किसी भी तरह की भीड़ या नारेबाजी को रोकने के लिए पहले से ही निर्देश जारी कर दिए थे।