बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद से अब तक 81 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बुधवार 01 अक्टूबर को पुलिस ने बवाल से संबंधित ड्रोन वीडियो जारी किए हैं। पुलिस के मुताबिक ये वीडियो उस वक्त हैं, जब बिहारीपुर इलाके में नमाज के बाद खलील तिराहे के पास सड़क पर भीड़ जुटी थी। बेकाबू भीड़ को पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो लोग नहीं माने, जिससे पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। ड्रोन वीडियो में बेकाबू भीड़ को पुलिस रोकने का प्रयास करती दिख रही है। इसके बाद लाठीचार्ज हुआ।
26 सितंबर को हुए बवाल में 22 पुलिस कर्मी हुए थे घायल
आई लव मोहम्मद के समर्थन में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर भीड़ जुटी थी। मौलाना के नदारद रहने से भीड़ अराजक हो गई। पुलिस का दावा है कि लोगों ने दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। बेकाबू भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। आंसू गैस के गोले दागे गए थे। पुलिस के मुताबिक बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
बरेली के अलग-अलग थानों में 10 मुकदमे दर्ज हुए
बवाल के बाद पुलिस ने शहर के अलग-अलग थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें 125 लोग नामजद और करीब तीन हजार अज्ञात आरोपी हैं। सात मुकदमों में मौलाना तौकीर रजा का नाम है। बवाल की जांच के लिए डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी के निर्देश पर एसएसपी अनुराग आर्य ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी में एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में तीन सीओ और 14 इंस्पेक्टर शामिल हैं।
अब तक 81 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
बवाल के बाद से अब तक 81 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। तौकीर रजा समेत आठ आरोपियों को दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद डॉ. नफीस और नदीम खान समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने बुधवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों आरोपियों को पैर में गोली लगी है। दोनों शाहजहांपुर के मदनापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक नदीम ने दोनों को बुलाया था। दोनों बवाल में शामिल रहे थे।
बिहार और बंगाल से भी आए थे उपद्रवी...गिरफ्तारी के बाद खुला राज
बरेली बवाल में एक और नया खुलासा हुआ है। पुलिस और खुफिया अमले ने पहले ही अंदेशा जताया था कि बरेली में उपद्रवी दूसरे जिलों और राज्यों से भी आए थे। इसकी तस्दीक उपद्रवियों की गिरफ्तारी के बाद हो गई है। कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को 14 उपद्रवी गिरफ्तार किए। इनमें दो उपद्रवी हरमेन रजा और नेमतुल्ला बिहार के जिला पूर्णिया के निवासी हैं। एसपी सिटी ने बताया कि वह नौमहला मस्जिद में ही रह रहे थे। उपद्रव के बाद दोनों बिहार भागने की फिराक में थे। तभी कोतवाली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले सोमवार को जेल भेजे गए दो आरोपी बिहार और पश्चिम बंगाल के निवासी थे।
फेसबुक पर पहले पोस्ट डाली, पांच मिनट बाद डिलीट कर दी
पुलिस की जांच में पता लगा है कि 25 सितंबर की रात जब नफीस और नदीम ने मौलाना से फोन पर बातचीत के बाद जनता के शहर न आने संबंधी पत्र जारी किया तो उसे पुलिस प्रशासन के अफसरों को देने के साथ ही आईएमसी के व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट किया था। तब अधिकारियों ने अनुरोध किया कि इसे आईएमसी के फेसबुक पेज पर भी डाल दें। तब नफीस ने यह पत्र अपने बेटे को भेजकर संगठन के फेसबुक पेज पर अपलोड करने को कहा। फरमान ने इस पत्र को अपलेड करके पोस्ट किया। पुलिस अधिकारियों ने इसी दौरान पांच मिनट बाद ही संगठन का फेसबुक पेज देखा तो वह पोस्ट फरमान डिलीट कर चुका था।
तौकीर ने कहा था- लाठी चलाओ, गोली चलाओ या कर्फ्यू लगाओ
फरमान ने शुक्रवार सुबह मौलाना तौकीर रजा का एक भड़काऊ बयान वाला वीडियो सोशल मीडिया पेज पर अपडेट किया था। इसमें मौलाना आई लव मोहम्मद की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने के लिए लोगों से चलो इस्लामिया, भरो इस्लामिया का आह्वान कर रहा है। वायरल वीडियो में मौलाना साफ तौर पर पुलिस प्रशासन को चुनौती दे रहा है। कह रहा है कि कर्फ्यू लगा दीजिए, कोई परवाह नहीं है। निकलेंगे तो निकलेंगे। लाठी चलाओ, गोली चलाओ या कर्फ्यू लगाओ।