श्रीरामलीला कमेटी औरंगाबाद के तत्वावधान में गोकुल विराज रामलीला मैदान में शनिवार को दशहरा मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधि-विधान के साथ रावण वध का मंचन हुआ। मैदान में उपस्थित हजारों श्रद्धालु और नगरवासी परिवार सहित इस आयोजन के साक्षी बने। चारों ओर "जय श्रीराम" के गगनभेदी उद्घोष से वातावरण गूंज उठा और हर चेहरे पर उल्लास व आस्था की झलक दिखी।
रामलीला कमेटी के महामंत्री ताराचंद अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष रावण का पुतला लगभग 80 फुट ऊंचा तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि समिति पिछले 70 वर्षों से इस आयोजन का निरंतर संचालन कर रही है, लेकिन इस बार जितनी भारी भीड़ उमड़ी, वैसा दृश्य पहले कभी देखने को नहीं मिला। मैदान में लगे विभिन्न स्टॉल और झांकियों ने मेले की भव्यता को और भी आकर्षक बना दिया। बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी आयोजन का आनंद लेते हुए उल्लासित नजर आए।
आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस प्रशासन और नगर निगम की ओर से विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। महामंत्री ताराचंद अग्रवाल ने इसके लिए प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही इतने विशाल मेले का सफल संचालन संभव हो पाया।
दशहरा मेला केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि यह आस्था, परंपरा और सामुदायिक एकजुटता का प्रतीक भी है। स्थानीय नागरिकों ने इसे उत्सव की तरह मनाते हुए एक-दूसरे को बधाइयां दीं और बच्चों ने मेले के झूलों व स्टॉल का खूब आनंद लिया।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष नंदलाल उपाध्याय, सचिव राजेश सैनी, कोषाध्यक्ष बालकृष्ण अग्रवाल, मीडिया प्रभारी अखिलेश मिश्रा पिंटू, सलाहकार दर्शन पाल सिंह, विशंभर दयाल शर्मा, पार्षद गुलबीर चौधरी, जगदीश सैनी, सत्य प्रकाश निषाद, ज्ञानेंद्र शर्मा एडवोकेट, शिवराम सिंह, अशोक सैनी, गोविंद अग्रवाल, गौरव सैनी, मोतीलाल शर्मा, जसवंत सिंह कुशवाहा, सोनू पंडित, डॉक्टर योगेश कुमार, अनिल गोयल, किशन सैनी, जगन ठेकेदार, मुरारी लाल समेत बड़ी संख्या में कमेटी के सदस्य और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।