जिला अस्पताल में शनिवार को बड़ा हादसा होते-होते बच गया। बंदी की सुरक्षा में लगे दो बंदी रक्षकों ने अस्पताल परिसर में खड़ी कार अचानक दौड़ा दी। तभी कार अनियंत्रित होकर गेट तोड़कर इमरजेंसी की ओपीडी में जा घुसी, जिससे वहां मौजूद एक मरीज और दो तीमारदार घायल हो गए। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस लापरवाही पर जेल अधीक्षक ने दोनों बंदीरक्षकों को सस्पेंड कर दिया।
बरेली जिला अस्पताल परिसर में जिला जेल से एक बंदी को इलाज के लिए लाया गया। रविवार को उसकी सुरक्षा में बंदी रक्षक रोहित राणा और पुष्पेंद्र को तैनात किया गया था। बताया जाता है कि दोनों सिपाही ड्यूटी के दौरान अस्पताल परिसर में खड़ी एक कार में बैठे हुए थे। इसी बीच अचानक उन्होंने कार को तेजी से दौड़ाने की कोशिश की, जिससे कार अनियंत्रित होकर सीधे इमरजेंसी गेट से टकरा गई। गेट तोड़ने के बाद कार ओपीडी के अंदर घुस गई और वहां खड़े एक मरीज उसके परिजन को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। दो अन्य लोगों को भी चोट आई।
इस घटना के बाद दोनों बंदीरक्षक मौके से फरार हो गए। इसकी जानकारी फौरन अस्पताल प्रशासन को दी गई। जिसके बाद कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। घटना का पता लगने पर पुलिस के साथ जेल के अधिकारी भी मौके पर जा पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि सिपाही शराब के नशे में थे। हालांकि शुरूआती जांच में सामने आया कि हादसा सिपाहियों की लापरवाही और अनुशासनहीनता के कारण हुआ।
जेल अधीक्षक ने घटना को गंभीरता से लेते हुए दोनों सिपाही रोहित राणा और पुष्पेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही घटना की विभागीय जांच बैठा दी गई है। अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजन हादसे के बाद घंटों दहशत में रहे। फिलहाल पुलिस फरार सिपाहियों की तलाश में जुट गई है।