जनपद बरेली के मीरगंज नगर में संचालित दिव्य कृपाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में महर्षि बाल्मीकि जयंती श्रद्धाभाव के साथ मनाई गयी। कार्यक्रम की शुरूआत विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र गंगवार के द्वारा महर्षि बालम्ीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण से की गई। और महर्षि बाल्मीकि के आदर्शों और आध्यात्मिकता को अपने जीवन में धारण करने हेतु प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर दिव्य कृपाल विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज मीरगंज के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र गंगवार ने अपने संबोधन में स्कूल में अध्ययनरत छात्र व छात्राओं को महर्षि वाल्मीकि के जीवन परिचय से अवगत कराते हुए डाकू रत्नाकर से ऋषि वाल्मीकि बनने की प्रेरणादायक कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सत्संग और आत्मचिंतन से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की दिशा बदल सकता है।
उन्हें उद्धत करते हुए - "उल्टा नाम जपत जग जाना, वाल्मीकि भए ब्रहम सामाना" - समझाया गया, कि वाल्मीकि जी ने राम नाम का उल्टा जाप करके परमात्मा की प्राप्ति की, जो हम सभी के लिए प्रेरणा है। विद्यालय की प्रबंधक कृष्णा देवी ने भी पुष्प माला अर्पित कर महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने रामायण के श्लोकों का पाठ कर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। यह दिन समाज को यह संदेश देता है कि व्यक्ति चाहे कितना भी गिरा हुआ क्यों न हो, आत्मबोध और सत्कर्म से वह महर्षि वाल्मीकि जैसा महान वन सकता है।
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक व शिक्षिकाओं ने भी महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र के सम्मुख पुष्प् अर्पित किए। इस दौरान मीनाक्षी शर्मा, जमुना प्रसाद, आकाश बाबू, अमित पांडेय, शारदा गंगवार, शशि देवी, आशा देवी और बृजेश शर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।