योगी सरकार अवैध कब्जे हटवाने के लिए सख्त अभियान चला रही हो, लेकिन बरेली के कई परिषदीय स्कूलों की जमीनों दबंगों ने कब्जा कर रखा है। ताजा मामला उच्च प्राथमिक विद्यालय रहपुरा चौधरी, प्राथमिक विद्यालय जसोली और सैदपुर हाकिंस स्कूल का सामने आया है। इसके अलावा हरूनगला सेकेंड और सरनिया स्थित बेसिक स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जा है। यहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कारोबार किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अफसर जमीन खाली कराने के बजाय केवल कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, लगभग दो दशक पहले उच्च प्राथमिक विद्यालय रहपुरा चौधरी परिसर में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों को पेयजल की आपूर्ति होती है। इसी परिसर में बिजली विभाग को भवन निर्माण के लिए जगह दी गई थी, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते यह भवन अधूरा रह गया। यहां शेष लगभग चार बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया, जिस पर डेयरी का संचालन किया जा रहा है। डेयरी से फैल रही गंदगी से विद्यालय के बच्चों में बीमारी फैलने का डर बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कब्जा समाजवादी सरकार के समय हुआ था, लेकिन अब तक अवैध कब्जेदारों के खिलाफ प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। वहीं, शहर के जसोली मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया, जिस पर फर्रा बल्ली का कारोबार किया जा रहा है। इसी प्रकार सैदपुर हाकिंस में पुराने स्कूल भवन पर कुछ स्थानीय लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।
30 सितंबर 2025 को खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र, बरेली ने आदेश जारी कर सभी विद्यालयों की जमीन को अतिक्रमण और कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि यदि किसी विद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण है तो तत्काल कार्रवाई कर कब्जा मुक्त कराया जाए, और इसकी रिपोर्ट कार्यालय को भेजी जाए।
इस संबंध में बीएसए संजय सिंह का कहना कि सभी अवैध कब्जे वाली विद्यालयों की भूमि की जानकारी डीएम को दी जा रही है, जल्द अवैध कब्जों को हटवाया जाएगा।