बरेली के मीरगंज इलाके के एक कंपोजिट विद्यालय परिसर मैदान में अचानक गिरे बाज पक्षी को जीव प्रेमी एवं अनुदेशक सुनीता सिंह जीवन दायक बन गयीं। सुनीता ने बाज को अपनी गोद में लेकर उसका इलाज कराकर बाज के जीवन को बचा लिया। और वर्तमान में वह अपने घर पर ही उसका इलाज करा रही हैं।
बरेली जनपद के मीरगंज विकास क्षेत्र के गांब चुरई दलपतपुर में संचालित परिषदीय कंपोजिट विद्यालय में विगत शनिबार को एक घायल बाज अचानक ही मैदान पर गिर गयाए जिस पर स्कूल में अनुदेशक के पद पर तैनात पशु पक्षी प्रेमी सुनीता सिंह की नजर पडीए तो उन्होंने उसे अपनी गोद में ले लिया और घर ले जाकर इलाज करवाना शुरू कर दिया ! सुनीता का कहना है कि वह बाज पक्षी के इलाज के लिए आईवीआरआई लेकर पहुंचीए लेकिन वहां इलाज न मिलने पर वह बाज को अपने साथ घर लेकर वापस आ गई और अब बाज का इलाज मीरगंज से ही करवा रही है उनका कहना है कि घायल बाज की सेहत में पहले से काफी सुधार है उसके सही होते ही बाज को खुले आसमान में छोड़ देंगी।
बता दें कि गांब चुरई दलपतपुर के आदर्श नगर निवासी सुनीता सिंह बेसिक विभाग में अनुदेशक के पद पर कार्यरत है उन्होंने बताया कि जब वह शनिवार को विद्यालय पहुंची तो एक बाज पक्षी घायल हालत में ग्राउंड में बैठा हुआ था वो उड़ नही पा रहा था जिसके बाद बाज को अपने घर लेकर पहुंची और उसको पानी पिलायाए उसके इलाज के लिए आईवीआरआई लेकर पहुंची जहां डॉक्टर ने बिना वन विभाग के परमिशन के इलाज करना शुरू नही किया और डॉक्टर के बताए नंबर पर उन्होंने वन विभाग के अधिकारी को फोन किया तो दो लोग कुछ देर बाद आईवीआरआई पहुंचे और अपने आप को वन विभाग का बताने लगे। सुनीता सिंह ने बताया कि काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वन विभाग के लोगो ने बाज का इलाज शुरू नही करवाया तो वह परेशान होकर बाज को अपने साथ वापस लेकर मीरगंज स्थित अपने घर आ गई।
उन्होंने मीरगंज पशु चिकित्सक से घायल बाज की दवाई लिखवाई और अब खुद ही उसका इलाज कर रही है उनका कहना है कि बाज की हालत मे अब 60 फीसदी से ज्यादा सुधार है अब वह उड़ने की कोशिश भी कर रहा है। जैसे ही पूरा ठीक हो जायेगा वह खुद अपने आप खुले आसमान में उड़ जायेगा। बता दे इससे पहले भी सुनीता कई बेजुवान जानवरो की जान इलाज कराकर बचा चुकी है।