मथुरा के वृंदावन में वाल्मीकि जयंती पर धर्म रक्षा संघ के एक प्रतिनिधि मंडल ने गौरा नगर कालोनी स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में पूजा अर्चना कर सामाजिक समरसता एवं सनातन धर्म में वाल्मीकि समाज के योगदान पर चर्चा की।
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा में वाल्मीकि समाज ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधाप्रसाद देव महाराज ने कहा कि सनातन धर्म के लिए वाल्मीकि समाज का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
महंत अतुल कृष्ण दास ने कहा कि सनातन धर्म के त्योहारों में वाल्मीकि जयंती अति महत्वपूर्ण त्योहार है। उन्होंने कहा कि हम बाल्मिक समाज के ऋणी हैं जो की पीढ़ियों से सेवा कार्यों में लगे हुए हैं। आचार्य ज्ञानेश महाराज ने कहा कि वाल्मीकि जयंती समरसता का प्रतीक है, जिसे सनातन धर्म के सभी लोग बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं।
कार्यक्रम में महंत मोहिनीबिहारी शरण, स्वामी कृष्णानंद, श्रीदास प्रजापति, अमरेश पुंढीर, जितेंद्र पाथरे, छोटू चौहान, धर्मेश खरे,अनिल चौहान, बच्चू सिंह, सतीश चंदेल, अशोक जिमी आदि उपस्थित थे।