जनसुनवाई एवं आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार को डीएम ने ऐसे आठ अधिकारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए, जिनके विभागों में शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गुणवत्ता नहीं पाई गई और शिकायतकर्ताओं की ओर से असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश भर में जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम बुधवार को जिलाधिकारी ने सितंबर माह के आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा की, जिसमें पाया गया कि कुछ विभागों द्वारा शिकायतों का निस्तारण औपचारिक रूप से किया जा रहा है। उसमें समाधान की गुणवत्ता नहीं थी।
डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए अधिशासी अभियंता (नगरीय द्वितीय एवं तृतीय) विद्युत, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी, उप निदेशक कृषि विभाग, उपखंड अधिकारी विद्युत फरीदपुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी बिथरी चैनपुर और चकबंदी अधिकारी मीरगंज का वेतन रोकने का आदेश दिया है।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी अधिकारी द्वारा शिकायत निस्तारण में लापरवाही या औपचारिकता बरती गई तो कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। शासन का उद्देश्य है कि कोई भी नागरिक अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार चक्कर न लगाए।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लें और समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। जिला स्तर पर हर माह शिकायतों की समीक्षा की जाएगी, और जिन विभागों का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया जाएगा, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।