वृंदावन। गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी सभागार में “विजन इंडिया–2047 के अंतर्गत ब्रज के तीर्थाटन एवं धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं” विषय पर एक विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें संत-महात्माओं, विद्वानों और समाजसेवियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें विजन इंडिया–2047 के राष्ट्रीय दस्तावेज़ में शामिल किया जाएगा।
संत फूलडोलदास जी महाराज ने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों और उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सक्रियता से ब्रज शीघ्र ही विश्व के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा। इसके लिए मंदिरों का सौंदर्यीकरण, सड़कों का विस्तार, कुंडों व वनों का संरक्षण तथा तीर्थों की प्राचीनता के अनुरूप विकास आवश्यक है।
बलराम दास बाबा महाराज ने मंदिरों के सौंदर्यीकरण पर जोर दिया, जबकि रामदेवानंद महाराज जी ने भगवान श्रीकृष्ण युग के प्राचीन स्थलों के संरक्षण का सुझाव दिया। हरिशंकर नागा बाबा और सुंदर दास महाराज ने तीर्थ क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता बताई। सोहनी शरण महाराज ने श्रीहरिदास जी के स्थलों के पुनरुद्धार पर बल दिया, वहीं ब्रजदास जी (सुनील सिंह) ने वनों और कुंडों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
कैलिफोर्निया (यूएसए) से आए हरेकृष्णानंद सरस्वती महाराज ने विदेशी धार्मिक पर्यटन व्यवस्थाओं का उदाहरण देते हुए ब्रज में आधुनिक सुविधाओं को जोड़ने का सुझाव दिया। डॉ. नृत्य गोपाल शर्मा (प्रोफेसर, हंसराज कॉलेज, दिल्ली) एवं पंकज बाबा ने अपने लिखित सुझाव भेजे। बिहारी शरण जी ने अपने भजनों से वातावरण को भक्ति भाव से आलोकित किया, जबकि लाडली शरण जी एवं कपिल उपाध्याय ने ब्रज की पुरातात्त्विक धरोहरों के संरक्षण पर बल दिया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपमुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश चंद्र जी ने “विजन इंडिया–2047” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि परिषद ब्रज के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। परिषद के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने संतों को विजन इंडिया–2047 के उद्देश्यों से अवगत कराया।
कार्यक्रम में जिला पर्यटन अधिकारी श्री शर्मा एवं उनकी टीम ने सहयोग प्रदान किया। गीता शोध संस्थान के निदेशक प्रो. दिनेश खन्ना ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद्र शर्मा ने ब्रज की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर अपने विचार रखे। आयोजन में दीपक शर्मा, पत्रकार सुनील शर्मा, रामवीर, पर्यटन विभाग के उमेश सहित अनेक कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।