करीब तीन वर्ष पूर्व षड़यंत्र के तहत फोन करके प्रेमी को बुलाकर उसकी गला दबाकर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार सिंह ने बिशारतगंज के ग्राम साहसा निवासी प्रेमिका एकता, उसके पति सतेन्द्र, थाना फरीदपुर के ग्राम अमरेख निवासी पिता राजकुमार और भाई सौरभ को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक मुजरिम पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माने भी डाला है।
सरकारी वकील हरेन्द्र पाल सिंह राठौर ने बताया कि थाना फरीदपुर ग्राम अमरेख निवासी रामसरण ने थाना फरीदपुर में तहरीर देकर बताया था कि 18 मार्च 2022 की रात मझले पुत्र सुनील की अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हत्या कर उसका शव श्रीपाल के गन्ने के खेत में डाल दिया था। उसका शव हम लोगों को 19 मार्च 2022 की सुबह 10 बजे खोजने पर मिला था। पुलिस ने विवेचना के दौरान मृतक सुनील और एकता की सीडीआर निकाली तो पता चला कि एकता के कब्जे से बरामद मोबाइल सिम से ही मृतक सुनील कुमार को घटना की रात 11 बजे फोन कर बुलाया गया था व गला दबाकर हत्या कर शव को गायब करने के आशय से गन्ने के खेत में डाल दिया गया।
अभियोजन ने तर्क दिया कि गवाहों के बयान से स्पष्ट है कि सुनील कुमार और एकता के मध्य संबंध थे। इसकी जानकारी एकता के पिता राजकुमार को थी, जिससे उसकी गांव में बदनामी हो रही थी। एकता की शादी हो चुकी थी, जिससे उसका पति सतेन्द्र भी परेशान रहता था। इस कारण अभियुक्तों ने मृतक को फोन कर बुलाया गया और उसकी हत्या कर दी गयी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की हत्या गला घोंटने के कारण हुई थी। चेहरे पर चोट व गर्दन पर खरोंच के निशान थे, जोकि मृतक की हत्या से पूर्व हुए संघर्ष के कारण आये होंगे। अभियोजन ने 6 गवाह 17 सबूत कोर्ट में पेश किए।