जनपद शाहजहांपुर के रोजा क्षेत्र कार चालक अवनीश दीक्षित की गला दबाकर हत्या की गई थी। हालांकि शरीर में कहीं कोई चोट के निशान नहीं मिले। हत्या तीन दिन पहले की गई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर हुआ। पुवायां पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या के मुकदमे में तरमीम कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
रोजा के मोहल्ला कसभरा तकिया निवासी सूरज दीक्षित ने थाने में तहरीर दी थी कि 6 अक्टूबर की शाम 6 बजे उसके पिता अवनीश दीक्षित (42) को रिंकू पाण्डेय ने अपनी कार को बुकिंग में सितारगंज लेकर जाने के लिए भेजा था, जो 7 अक्टूबर को वापस आने के लिए कहा था। उसके पिता घर वापस नहीं आए है। वह रोजा क्षेत्र के गुरसेवक को लेकर गए थे। उसके पिता और गुरसेवक का मोबाइल फोन स्वीच ऑफ है।
उसकी तहरीर के आधार पर पुवायां थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली। पुवायां पुलिस ने अवनीश दीक्षित की तलाश शुरु कर दी। गुरुवार शाम रोजा थाना क्षेत्र में मंडी के सामने रेलवे की जमीन पर झाड़ी में एक शव पड़ा मिला था। एसपी और सीओ सदर मौके पर पहुंचकर जानकारी की थी। इधर लापता अवनीश दीक्षित का बेटा सूरज दीक्षित रोजा में पहुंचा और शव की शिनाख्त पिता के रूप में हुई। युवक के हाथ-पैर बंधे हुए थे। रोजा पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई और शरीर में चोट के निशान नहीं मिले है। हत्या तीन दिन पूर्व की गई है। पुवायां पुलिस ने गुमशुदगी हत्या में तरमीम कर दी है। पुलिस को न ही कार मिली और न ही गुरसेवक मिला है। एसओजी और पुवायां थाना के दो टीमें आरोपी और कार की तलाश में जुटी है।
रोजा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि पुवायां के कार चालक अवनीश दीक्षित का शव उनके क्षेत्र में मिला था। शव का पोस्टमार्टम कराके पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुवायां थाना पुलिस की ले गयी है। पुवायां पुलिस ही विवेचना करेगी, क्योंकि कि गुमशुदगी पुवायां थाना में दर्ज है।