विकास श्रीवास्तव
रोहिलखंड क्षेत्र में “मिनी कुंभ” के नाम से प्रसिद्ध मेला ककोड़ा की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। शनिवार को जिलाधिकारी अवनीश राय ने अधिकारियों की टीम के साथ मेला स्थल का निरीक्षण किया और मेले की व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेला ककोड़ा जनपद का प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें बदायूं ही नहीं, बल्कि आस-पास के जिलों से लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान व पूजन के लिए आते हैं।
मेला 29 अक्टूबर से 12 नवंबर तक आयोजित होगा, जिसका मुख्य पर्व कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान 5 नवंबर 2025 को होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि 29 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे ककोड़ा देवी मंदिर से झंडी यात्रा के रूप में मेला प्रारंभ होगा। इस दिन श्रद्धालु झंडी के साथ गंगा तट पहुंचेंगे, जहां हवन-पूजन के साथ मेले का शुभारंभ किया जाएगा। 4 नवंबर को अपराह्न 1 बजे मेले का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।
तैयारियों को लेकर डीएम ने दिए स्पष्ट निर्देश:
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तंबू व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी, शौचालय, वॉच टावर, पार्किंग, जल आपूर्ति, तथा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन को बेहतर और समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गंगा जल प्रवाह की व्यवस्था को लेकर समीपवर्ती जिलों के अधिकारियों से समन्वय बनाने को कहा ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि भीड़ नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा, तथा आपातकालीन सेवाओं की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मेला ककोड़ा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक व सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उप जिलाधिकारी सदर, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि मेला आगंतुकों के लिए यादगार अनुभव बन सके।