दरभंगा घराने के सुप्रसिद्ध ध्रुपद गायक पंडित विदुर मलिक की स्मृति में आयोजित द्विदिवसीय ध्रुपद महोत्सव में शास्त्रीय संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पं. विदुर मलिक आनंद धाम संगीत सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में वृंदावन शोध संस्थान के सभागार में हुए आयोजन में देश-विदेश के ख्यातिल प्राप्त कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसडीएम सदर राकेश त्यागी और पूर्व आईपीएस हीरालाल ने ठाकुर श्रीराधारमण देव जू के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। पहली प्रस्तुति में कानपुर के पं. विनोद कुमार द्विवेदी और उनके सुपुत्र आयुष द्विवेदी ने ध्रुपद गायन में जुगलबंदी करते हुए राग रागेश्वरी और ताल झंपा में मनमोहक प्रस्तुति दी। पखावज पर वैभव रामदास ने संगत की। इसके बाद ग्वालियर घराने के पं. जयंत खोत ने राग चक्रधर और तीनताल की प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दिल्ली के प्रसिद्ध सरोद वादक प्रभात कुमार, जो पद्मविभूषण शरणरानी के शिष्य हैं, ने राग वाचस्पति और मांड की प्रस्तुति से सभागार में सुरों की अनुगूंज भर दी। तबले पर चेतन साहनी ने संगत की। कार्यक्रम के उत्तरार्ध में दरभंगा घराने के ध्रुपद गायक आनंद मलिक, अमित मलिक और असित मलिक ने राग दरबारी और राग अदन में सूल ताल की रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
समापन पर श्रोताओं ने कलाकारों को स्टैंडिंग ओवेशन देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर योगेश शर्मा, शशिकांत शर्मा, सौरव सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मिलन गुप्ता ने किया।