जागरण टुडे, वृंदावन
श्री रंगनाथ जी के बड़े बगीचा स्थित रामलीला मंच पर मंगलवार की रात श्री रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव के आठवें दिन मां सीता हरण लीला, श्री राम-हनुमान मिलन और सुग्रीव मैत्री प्रसंग का मंचन हुआ। कलाकारों की उत्कृष्ट अभिव्यक्ति और भावपूर्ण अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह और नरेंद्र अग्रवाल गया वाले ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री राम दरबार और व्यासपीठ का पूजन कर किया।
लीला का आरंभ स्वर्ण मृग प्रसंग से हुआ, जिसमें मायावी मारीच के छल से भ्रमित मां जानकी द्वारा श्रीराम से मृग को लाने का अनुरोध किया गया। इसके बाद श्रीराम के मृग के पीछे जाने और लक्ष्मण के भी आज्ञा से कुटिया छोड़ने के उपरांत लंकाधिपति रावण का ब्राह्मण वेश में आगमन और मां सीता हरण प्रसंग का मंचन हुआ। इस दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया।
इसके बाद रावण-जटायु युद्ध, श्रीराम का हनुमान जी से मिलन और सुग्रीव मैत्री लीला का मनमोहक मंचन किया गया। रामभक्ति से ओत-प्रोत संवाद और संगीत के साथ कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति पर दर्शकों ने बार-बार तालियां बजाकर उत्साह व्यक्त किया। कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीराम अनुशासन, नैतिकता, सत्य और सद्भाव के प्रतीक हैं। उनका जीवन हम सभी को धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर अनिल अग्रवाल, डॉ. केशवाचार्य, कालीचरण सिंह, आलोक बंसल, भीमसेन अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण दीक्षित, आनंद शर्मा, अनिल गौतम, अलौकिक शर्मा, बंशी तिवारी, विनोद वार्ष्णेय, शुभम अग्रवाल, नरसिंह वल्लभ गौतम, पुनीत वल्लभ गौतम एडवोकेट सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।