पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा से सामूहिक बलात्कार की घटना पर दुख जताते हुए छात्राओं को देर रात बाहर न निकलने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि छात्राओं को खासकर सुनसान इलाकों में सतर्क रहना चाहिए और निजी कॉलेजों को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
दुर्गापुर में हुई इस वारदात को लेकर भाजपा व विपक्षी दलों ने ममता सरकार पर निशाना साधा है। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी ममता बनर्जी से सख्त कदम उठाने की मांग की। ममता ने घटना को “स्तब्धकारी” बताया और कहा कि राज्य सरकार ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है।
पत्रकारों से बातचीत में ममता ने कहा कि संस्थान भी छात्राओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। निजी कॉलेजों को परिसर और आसपास सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को छात्रावास के नियमों का पालन करना चाहिए और देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लड़कियों को जहां चाहें जाने का मौलिक अधिकार है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से देर रात बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस हर व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर नहीं रख सकती। उन्होंने बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में हुई इसी तरह की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि कुछ राज्यों में ही ऐसे अपराधों पर अधिक आक्रोश क्यों दिखाया जाता है।
इस बीच, पश्चिम बर्धमान जिले में सामूहिक बलात्कार के इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एक अन्य को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए अभी अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती। तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और परानागंज काली बाड़ी श्मशान घाट के पास जंगल में अपराध स्थल की घेराबंदी कर जांच की जा रही है।