ब्रजभूमि वृंदावन में इस बार दिवाली से पहले एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। 27 अक्टूबर को विश्व नारायण महायज्ञ और अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन होगा, जिसमें 16 देशों के सनातनी हिंदू प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह आयोजन श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और वैदिक परंपराओं के संरक्षण को समर्पित रहेगा।
आयोजन से पहले वृंदावन के दावानल कुंड स्थित उड़िया बाबा आश्रम में सोमवार को भूमि पूजन और गणेश पूजा संपन्न हुई। इस अवसर पर पीपाद्वाराचार्य जगद्गुरु बलराम बाबा, महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद महाराज, महंत श्री रामदेव चतुर्वेदी, महंत श्री चंद्रदास जी महाराज, महंत श्री रामदास जी महाराज तथा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुख्य याचिकाकर्ता पं. दिनेश फलाहारी मौजूद रहे।
भूमि पूजन के बाद मुख्य संरक्षक पं. बिहारीलाल वशिष्ठ ने बताया कि 27 अक्टूबर की सुबह विष्णु महायज्ञ और दोपहर 2 बजे अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, जर्मनी, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, वियतनाम, बर्मा, कैलिफोर्निया सहित 16 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। पं. दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि यह आयोजन श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति आंदोलन को नई दिशा देगा और विश्वभर में सनातन धर्म की एकता और शक्ति का संदेश प्रसारित करेगा।
भागवत आचार्य सुरेश चंद्र शास्त्री और अशोक शास्त्री ने बताया कि सम्मेलन में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code), परिवार नियोजन नीति, और ब्रज चौरासी कोस में मुगलकालीन स्मारकों के नाम बदलकर उन्हें वैदिक परंपरा के अनुरूप करने जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
इस अवसर पर साध्वी राधानंद गिरी और पं. कुलदीप दुबे ने कहा कि अब समय आ गया है जब सनातन धर्म का पताका पूरे भारत में फहराया जाएगा। युवाओं से आह्वान किया गया कि वे कुसंगति त्यागकर धर्म और राष्ट्र की सेवा में जुटें।
कार्यक्रम में अनिल शास्त्री, राजेश कृष्ण शास्त्री, गिरिराज सिंह बाल्मीकि, श्रीधर पंकज, पीयूष आनंद, स्वामी अभिधानंद, ईश्वर चंद्र रावत, बिंदिया देवी समेत कई संत और समाजसेवी उपस्थित रहे। संचालन पं. राजेश पाठक ने किया।