गंजडुंडवारा नगर पालिका परिषद की सोमवार शाम हुई बोर्ड बैठक में सभासद दो खेमों में बंटे नज़र आए। उपजिलाधिकारी (पटियाली) न्यायिक ए.के. सिंह की देखरेख में चली बैठक में करीब दो घंटे तक आरोप-प्रत्यारोप और मनमुटाव का माहौल बना रहा।
बैठक की अध्यक्षता पालिका अध्यक्ष हाजी मुनव्वर हुसैन ने की, जबकि अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने विकास कार्यों हेतु समितियों के गठन का प्रस्ताव रखा। इस पर 16 सभासदों ने असहमति जताई, जबकि 8 सभासदों ने इसे आवश्यक बताया। 25 में से 24 सभासद मौजूद रहे और दो गुटों में विभाजित दिखे।
सभासदों ने उठाए विकास व पारदर्शिता के मुद्दे
सभा में सभासद सोमवीर ने प्रति माह बैठक न होने को नगर पालिका अधिनियम की धारा 86(ए) का उल्लंघन बताया। अन्य सभासदों ने प्रकाश व्यवस्था, नालियों की सफाई और सड़कों की दुर्दशा पर प्रशासन को घेरा और कहा कि समितियों के गठन से ही कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
तीन वित्तीय वर्षों का खर्च विवरण पेश
अधिशासी अधिकारी ने वर्ष 2023–24 से 2025–26 तक के प्रकाश, सफाई, विद्युत और विकास कार्यों पर हुए खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत किया। हालांकि, अध्यक्ष द्वारा नए विकास प्रस्ताव मांगे जाने पर किसी भी सभासद ने कोई सुझाव नहीं दिया। बैठक के अंत में तय किया गया कि अगली बैठक में पिछले तीन वर्षों के कार्यों की समीक्षा कर नई योजनाओं का विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
बैठक के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात रहा। कोतवाली प्रभारी भोजराज अवस्थी ने पूरे समय व्यवस्था की निगरानी की। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि बैठक की सूचना जिला मुख्यालय को पहले ही भेजी गई थी।
मारपीट का मामला भी उठा
बैठक में एक सरकारी कर्मचारी से जबरन काम कराने और मारपीट का मामला भी सामने आया। इस पर एसडीएम ए.के. सिंह ने संबंधित लोगों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम न्यायिक ए.के. सिंह ने बताया कि बैठक में सभी प्रस्तावों पर सभासदों ने अपनी राय रखी है, जिन पर विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।