कस्बा फतेहगंज पश्चिमी के नगर पंचायत सफाई कर्मचारीयों ने उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पंचायत गेट के सामने धरना प्रदर्शन हड़ताल पर बैठ गए। राजेश कुमार ने बताया कि अगस्त से कई कर्मचारियों को बिना कारण हटाया गया है, जिन्हें तत्काल बहाल किया जाए। और छह माह से रुका हुआ वेतन और कर्मचारियों का पीएफ उनके खातों में भेजा जाए।
पूर्व में कार्यरत (सफाई नायक) सफाई कर्मचारी अंकित कुमार और राहुल कुमार को पुनः उनके कार्य पर वापस लिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों से देर रात तक सफाई कार्य कराया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है, धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से वर्षों से कार्यरत स्थानीय कर्मियों को हटाकर बाहरी लोगों को पैसे लेकर लगाया गया है।
साथ ही कुछ सफाई नायकों पर ड्यूटी के बाद काम कराने और धन उगाही के आरोप लगाए गए। सफाई कर्मचारी विमला देवी ने बताया कि बीमार होने के बावजूद उन्हें जबरन रिटायरमेंट देने का दबाव बनाया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों ने यह भी कहा कि कुछ सभासदों द्वारा जातिसूचक गालियाँ दी जाती हैं और अपने अनुसार काम कराने का दबाव बनाया जाता है।
साथ ही पीएफ की राशि भी महीनों से जमा नहीं की गई है। वरिष्ठ कर्मचारियों की वरिष्ठता की अनदेखी कर जूनियरों को सफाई नायक बना दिया गया है, जो नगर पंचायत अधिनियम के खिलाफ है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे तथा प्रशासन इसकी पूरी जिम्मेदारी वहन करेगा। फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत चेयरमैन इमराना बेगम एवं अधिशाषी अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया की
धरने पर बैठे सभी कर्मचारियों की समस्याओं एवं उनकी मांगों को लेकर 15 तारीख को बोर्ड मीटिंग मे कर्मचारीयों की समस्याएं रखी जाएंगी, मीटिंग मे जो तय होगा उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिशासी अधिकारी के आश्वासन पर फिलहाल सफाई कर्मचारियों ने धरना स्थगित कर दिया है।