इस बार पटाखा कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट मेहरबान हो गया। सर्वोच्च अदालत ने पिछले दिनों एक सुनवाई के दौरान कह दिया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिवाली पर आतिशबाजी करने में कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा। स्थिति यह हो गई है कि बाजार में आतिशबाजी संबंधी आइटमों की डिमांड बढ़ गई। कारोबारी कहते हैं कि बढ़ती डिमांड पूरी करना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि इस बार पहले से ही उत्पादन कम हुआ है। इसके चलते पटाखा आइटम 30 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं।
एनसीआर क्षेत्र में आतिशबाजी पर प्रतिबंध, प्रदूषण के चलते लगाया गया था। तमाम याचिकाएं न्यायालय में पहुंचीं और आतिशबाजी पर रोक लगाने की मांग उठाई, जिसके चलते लंबे समय से एनसीआर क्षेत्र में पटाखा आतिशबाजी प्रभावित थी। इस बार सुप्रीम पॉवर ने अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा कि दीपावली पर आतिशबाजी करना क्यों गलत होगा, इससे कयास लगाया गया कि आतिश बाजी इस दिवाली पर प्रतिबंधित नहीं होगी। लोगों में इस रुख से उत्साह की लहर दौड़ी और हर कोई दिवाली पर आतिशबाजी से रौनक बढ़ाने के लिए तैयार होने लगा, लेकिन बाजार इसके लिए तैयार नहीं था। इसलिए ऑन डिमांड आइटम और माल मिलना मुश्किल होने लगा। डिमांड ज्यादा और माल कम होने से दाम भी बढ़ गए।
मौसम की मार
कारोबारी बताते हैं कि पटाखा बाजार पर सुप्रीम निगाहें मेहरबान जरूर हुईं, लेकिन मौसम के बदले रुख ने उत्पादन प्रभावित पहले से ही कर दिया। स्थिति यह है कि एकदम डिमांड बढ़ी, माल पहले से ही कम था, जिससे डिमांड और सप्लाई में काफी अंतर आ गया, जिससे पटाखा आइटम 10 से 30 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं।
ऑन डिमांड नहीं मिल रहे मन पसंद आइटम
बाजार में जमीन पर रौनक फैलाने वाले और आसमान में छटा बिखेरने वाले आइटम ज्यादा प्रचलन में हैं। आवाज करने वाले की भी मांग खूब रहती है, लेकिन इस बार बाजार में डिमांड और सप्लाई में अंतर ज्यादा हो गया है, जिससे लोग अपने मनपसंद आइटम अपने बजट अनुसार नहीं ले पा रहे हैं। उन्हें जो आइटम पिछले साल सौ रुपये में मिल जाता था, वो अब सवा सौ रुपये से ज्यादा में खरीदना पड़ रहा है।
बाजार में चायना की धमक
फैंसी और आसमानी पटाखा आइटम क्षेत्र में चीन की घुसपैठ भी बाजार में देखी जा रही है। हालांकि कारोबारी इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, जबकि ग्राइक सस्ता और छटा बिखेरने वाले आइटम खरीदने में जुटे हैं। उन्हें इससे कुछ लेना-देना नहीं कि यह स्वदेशी है या नहीं। बताया जाता है कि चायनीज आइटम बाजार में रिपैकिंग करके उतारा गया है।
फैंसी आइटमों की मांग
जमीन से आसमान तक धमाका कर छटा बिखेरने वाला आइटम ग्राइम ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कारोबारी बताते हैं कि आइटम बम और अन्य आवाज करने वाले आइटम लोग कम खरीदते नजर आ रहे हैं। चटाई, फिरकी, रॉकेट, मेहताब, चरखी और फुलझड़ी आदि परंपरागत आइटम भी दिख रहे हैं। मगर सबसे ज्यादा जोर आसमानी कर्तब दिखाने वाले आइटम पर है।
आसमान में शतरंगी छटा बिखेरता नजर आएगा हैलीकाप्टर
हर साल की तरह इस बार भी ग्राहकों को लुभाने के लिए आतिशबाजी बनाने वाली कंपनियों ने कुछ नए आइटम बाजार में उतारे हैं। इनमें सबसे प्रमुख‘हेलीकॉप्टर’है, जो 150 रुपये तक में उपलब्ध है।
लोकल फॉर वोकल पर जोर, फिर भी चायना छाया
सरकार और व्यापारिक संगठनों की ओर से इस बार ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान पर विशेष बल दिया जा रहा है। तमिलनाडु के सिवकासी और कानपुर, बरेली जैसे शहरों में बनी भारतीय आतिशबाजी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
लेकिन इसके बावजूद चायनीज पटाखे चोरी-छिपे बाजारों में अपनी जगह बना रहे हैं। कई दुकानदार इन्हें स्थानीय उत्पाद बताकर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं।
आसमान छू रही स्काई शॉट की डिमांड
दीपावली की रात घरों की छतों से आसमान जगमगाने की तैयारी है। ‘स्काई शॉट’ यानी आसमानी आतिशबाजी की डिमांड इस बार सबसे अधिक है। एक के बाद एक चमकदार शॉट छोड़ने वाले ये पटाखे लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी इसकी रोशनी में दिवाली मनाने को बेताब हैं।
पुलिस ने अवैध पटाखे पकड़े, डेढ़ कुंतल माल बरामद, कारोबारी गिरफ्तार
त्योहार से पहले पुलिस ने पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को शाही पुलिस ने थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार विश्नोई के नेतृत्व में चैकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान कस्बा शाही के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी नितिन रस्तोगी पुत्र भुवनेश के घर के चबूतरे से बिक्री हेतु रखे गये सात गत्तों में भरे 1 कुंतल 53 किलो 400 ग्राम अवैध पटाखे बरामद किए गये। मौके पर मिले कारोबारी नितिन रस्तोगी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के पूछताछ करने पर कारोबारी नितिन रस्तोगी ने बताया कि उसने ये पटाखे फतेहगंज पश्चिमी निवासी महाकाल ट्रेउर्स के मालिक अन्ना पुत्र सत्यप्रकाश से खरीदे थे, जिन्हें वह दीवाली पर बेचकर मुनाफा कमाने को था। शाही थनाध्यक्ष धमेंद्र कुमार विश्नोई ने बताया कि हिरासत में लिए गये आरोपी के विरूद्ध विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
इस्लामिया अथवा जीआईसी मैदान, असमंजस बरकरार
पिछले साल इस्लामिया मैदान पर तीन दिन के लिए अस्थायी पटाखा बाजार लगा था। इस बार भी सीएफओ ने इस्लामिया मैदान पर पटाखा लगाने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट प्रशासन को भेजी दी। इस बीच डीएम के पास जीआईसी मैदान में पटाखा बाजार लगाने को पत्र पहुंचा। डीएम के निर्देश पर सीएफओ ने जीआईसी मैदान का निरीक्षण कराकर 40 दुकानें लगने की संस्तुति कर रिपोर्ट कलेक्ट्रेट भेज दी। अब प्रशासन को निर्णय लेना है कि पटाखा बाजार इस्लामिया या फिर जीआईसी मैदान पर लगेगा। फिलहाल, नगर मजिस्ट्रेट को जांच कर रिपोर्ट एडीएम सिटी को भेजनी है।