सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित सुमंत कुमार माहेश्वरी इंटर कॉलेज के सामने संचालित काव्या नर्सिंग होम में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बिना चिकित्सक की मौजूदगी में इलाज के दौरान एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
जानकारी के मुताबिक, नगला ताल निवासी राजकुमार सोमवार को अपनी 65 वर्षीय मां कस्तूरी देवी को उपचार के लिए काव्या नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। बोर्ड पर दर्ज डिग्रीधारी चिकित्सकों के नाम देखकर परिजनों को भरोसा हो गया कि अस्पताल मान्यता प्राप्त है। लेकिन भर्ती के समय वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
बताया जा रहा है कि नर्सिंग होम का संचालन सत्यवीर सिंह नामक व्यक्ति कर रहा है, जिसके पास किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय डिग्री नहीं है। भर्ती के बाद बिना डिग्रीधारी स्टाफ ने इलाज शुरू कर दिया। कुछ ही देर में महिला की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन कोई डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। थोड़ी देर बाद महिला की मौत हो गई। आरोप है कि नर्सिंग होम संचालक ने मामले को दबाने के लिए परिजनों को 10 हजार रुपये देकर शव को एंबुलेंस से गांव भिजवा दिया।
सीएमओ बोले—कड़ी कार्रवाई होगी
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजीव अग्रवाल ने कहा, “काव्या नर्सिंग होम में महिला की मौत का मामला अत्यंत गंभीर है। नोडल अधिकारी की टीम को जांच के लिए भेजा जा रहा है। यदि दोष सिद्ध हुआ तो नर्सिंग होम को सीज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह नर्सिंग होम लंबे समय से बिना योग्य चिकित्सक के संचालित हो रहा है। अयोग्य स्टाफ मरीजों का इलाज करता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। यह घटना विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े कर रही है।